Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आर्थिक मदद प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर को मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह राहत राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घर पूरी तरह से बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें कुल ₹7.7 लाख की सहायता दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त के रूप में ₹4 लाख जारी किए जाएंगे। वहीं, जिनके घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ₹1 लाख की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, जिन परिवारों के पशु आपदा में मारे गए हैं, उन्हें ₹55,000 की मदद दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (फोटो: ANI)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सेराज क्षेत्र की थुनाग पंचायत में आई भीषण बाढ़ को लगभग चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन वहां के लोगों के लिए हालात अब भी नहीं बदले हैं। 30 जून को आई इस विनाशकारी बाढ़ के निशान आज भी इलाके में साफ़ दिखाई देते हैं। टूटे हुए घर, पलटी हुई गाड़ियां और मलबे के ढेर अब भी उस भयावह त्रासदी की याद दिलाते हैं। सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है, और प्रभावित परिवार अब भी अनिश्चितता और चिंता में दिन गुजार रहे हैं। कई लोग खंडहरों के बीच रहने को मजबूर हैं, जबकि उनके पुनर्वास की उम्मीदें धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही हैं।
बता दें कि, थुनाग पंचायत के निवासी जिन्होंने बाढ़ में अपना घर और आजीविका का साधन एक छोटी दुकान दोनों खो दिए, अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताते हैं, “पूरा इलाका अब भी मलबे से ढका है। हमने प्रशासन से सफाई और पुनर्निर्माण के लिए मदद की अपील की है। लोगों के लिए बच्चों की स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाना अब लगभग असंभव हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक मलबा नहीं हटाया जाता और पुनर्वास कार्य तेजी से नहीं होता, तब तक वे सामान्य जीवन की ओर लौट नहीं पाएंगे। ऐसे में सीएम सुक्खू के इस ऐलान के बाद लोगों के अंदर उम्मीद की नई किरण जगी है।
