जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई नदियों और नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा, जिसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क और रेल यातायात दोनों पर पाबंदियां लगानी पड़ीं।
कठुआ ज़िले में तराना नदी, ऊझ नदी, मगर खड्ड, सहार खड्ड और रावी नदी सहित उनकी सहायक धाराओं में पानी का स्तर एक साथ बढ़ गया है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इससे निचले इलाकों में गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है।
जम्मू के जिला उपायुक्त ने भी तवी नदी को लेकर अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें क्योंकि पानी का स्तर कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकता है।
पिछले 24 घंटों में हुई वर्षा (मंगलवार सुबह तक):
कठुआ – 155.6 मिमी
जम्मू – 81.5 मिमी
जम्मू बुरमल – 137.5 मिमी
कटरा – 68.8 मिमी
सांबा – 99.5 मिमी
रियासी – 67 मिमी
उधमपुर – 92.4 मिमी
भद्रवाह – 114.5 मिमी
यातायात पर असर:
लगातार बारिश और रामबन-बनिहाल सेक्टर में पत्थर गिरने के कारण जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। काज़ीगुंड और उधमपुर में वाहनों की आवाजाही एहतियातन बंद कर दी गई है।
रेलवे पर असर:
भारी वर्षा के कारण प्रशासन ने यात्री सुरक्षा को देखते हुए पठानकोट कैंट (PTKC) और कंडवाल हॉल्ट (KNDI) के बीच पुल संख्या 232 पर डाउन लाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। हालांकि, अप लाइन चालू है और ट्रेनें या तो सिंगल लाइन पर चलाई जा रही हैं या पठानकोट–अमृतसर (ASR) मार्ग से डायवर्ट की जा रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरत यात्रा से परहेज करने की अपील की है।
