ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में मॉनसून बारिश का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे राज्य की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में ऊपरी सुबनसिरी और ऊपरी सियांग जिलों में भारी बारिश से भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने तबाही को और बढ़ा दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक इस आपदा में 7 लोगों की जान जा चुकी है और 1.13 लाख से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आईएमडी ने राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है।
अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार मॉनसूनी बारिश
अरुणाचल के 26 जिलों में बाढ़
राज्य के 26 जिलों के 546 गांव बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऊपरी सुबनसिरी के चार सर्किलों में सड़कों, पुलों, पुलियों और घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, ऊपरी सियांग में एक जलविद्युत परियोजना भी क्षतिग्रस्त हो गई है। राज्य में अब तक 800 से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं। कृषि और बागवानी के लिए भी यह आपदा बड़ा झटका बनकर आई है, जिसमें 600 हेक्टेयर से अधिक की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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जनजीवन अस्त-व्यस्त
सड़क, बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। नाहरलगुन डिवीजन में कई पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण राजधानी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई ठप हो गई है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा पानी के टैंकरों के माध्यम से राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है। कुल मिलाकर 177 सड़कें, 28 पुल और सैंकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
राज्य में राहत के आसार फिलहाल कम हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को कई जिलों में मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। पापुम पारे, अंजाव, कुरंग कुमे, लोहित और तवांग समेत कई जिलों में 'बहुत भारी बारिश' की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा न करने की सलाह दी है।
प्रभावित जिलों की स्थिति
ऊपरी सियांग वर्तमान में राज्य का सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां लगभग 49,000 लोग संकट में हैं। इसके बाद सियांग, क्रा दादी और ऊपरी सुबनसिरी जिले भी भारी क्षति का सामना कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बचाव कार्य जारी है।
