West Bengal Weather: पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग घटनाओं में कुल 7 लोगों की दुखद मौत हो गई। सबसे ज्यादा असर कोलकाता, हावड़ा और हुगली जैसे क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई जगहों पर पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हो गए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल में मौसम बना आफत (AI फोटो)
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने किया मुआवजे का ऐलान
इस बीच सीएम सुवेंदु अधिकारी ने हादसों पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, प्रशासन की ओर से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्यों की निगरानी विभागीय मंत्री अग्निमित्रा पॉल खुद कर रही हैं, ताकि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द हालात सामान्य हो सकें।
शहर के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश
कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही उमस के साथ घने काले बादल छाए रहे। दोपहर के समय जैसे-जैसे दिन ढलता गया, आसमान अचानक असामान्य रूप से अंधेरे में बदल गया और साल्ट लेक, एस्प्लेनेड, दमदम, जादवपुर तथा बारानगर सहित शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक महानगर को प्रभावित किया, जिससे कई सड़कों पर यातायात बाधित हो गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तूफान की सबसे अधिक तीव्रता दोपहर 2:45 से 2:47 बजे के बीच दर्ज की गई, जब अलीपुर में हवा की रफ्तार 88 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। वहीं दमदम क्षेत्र में 2:29 से 2:30 बजे के बीच हवा की गति 74 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
खुदीराम मेट्रो स्टेशन की छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
अधिकारियों के अनुसार, अनुकूल हवाओं की दिशा के चलते आने वाले दो दिनों में दक्षिण बंगाल में तूफानी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और बारिश के चलते गिरे पेड़ों तथा जलभराव की वजह से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बेहद धीमा हो गया, जबकि मेट्रो सेवाएं भी कुछ समय के लिए बाधित रहीं। दक्षिण कोलकाता के खुदीराम मेट्रो स्टेशन की छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे बारिश का पानी स्टेशन के अंदर तक पहुंच गया। रासबिहारी एवेन्यू, हरीश मुखर्जी रोड, एजेसी बोस रोड, पार्क स्ट्रीट, रिपन स्ट्रीट, टॉलीगंज और नेताजी नगर जैसे कई इलाकों में पेड़ उखड़ने और डालियां टूटने की घटनाएं सामने आईं। वहीं चांदनी चौक और ठनठनिया सहित मध्य व उत्तरी कोलकाता के कई हिस्सों में सड़कों पर घंटों तक जलभराव बना रहा। साउथ सिटी मॉल में भी पानी घुसने से परिसर के अंदर कांच के पैनल क्षतिग्रस्त हो गए।
फ्लाइटों और ट्रेनों पर पड़ा असर
शहर के हवाई अड्डे पर खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण उड़ान सेवाओं को लगभग एक घंटे तक अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इसी तरह कई रूटों पर रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। बनगांव सेक्शन में मध्यमग्राम स्टेशन के पास पटरियों पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया। वहीं बंदेल-कटवा शाखा पर दोपहर करीब 2:45 बजे कटवा रेल गेट के पास पेड़ गिरने की घटना हुई, जिसके कारण एक अप कटवा लोकल ट्रेन को बंदेल स्टेशन से रवाना होने के थोड़ी ही देर बाद रोकना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और करीब 45 मिनट के अंदर सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया। इस बीच हावड़ा, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पूर्व बर्धमान जिलों में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर देखा गया।
दक्षिण बंगाल के छह जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए 60–70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और मध्यम बारिश के साथ तूफान की चेतावनी दी है। डॉ. हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि शनिवार को भी कई जिलों में आंधी-तूफान जारी रहने की संभावना है, हालांकि कोलकाता में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रह सकता है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है, साथ ही मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
