उत्तराखंड में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी प्रभावित कर दिया है। कई जगह लैंडस्लाइड होने से रास्ते बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
सांकेतिक फोटो
केदारनाथ यात्रा पर असर
भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिर गए। राहत टीमों ने रास्ता पैदल यात्रियों के लिए खोल दिया है, लेकिन घोड़ा-खच्चर और डोली सेवा फिलहाल बंद रखी गई है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा भी रुकी
पिथौरागढ़ जिले में गार्बाधार के पास भूस्खलन से गुंजी मार्ग बंद हो गया है। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल के 50 श्रद्धालुओं को धारचूला बेस कैंप में ही रोक दिया गया है।
कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार के लिए नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने जारी किए निर्देश
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने चारधाम यात्रियों, कैलाश मानसरोवर यात्रियों और पर्यटकों से बिना जरूरी कारण यात्रा न करने को कहा है। साथ ही मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही बाहर निकलने तथा नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
