Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ मचने की घटना में कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। अभी मृतकों की संख्या पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन अलीगढ़ की कमिश्नर ने बताया है कि 116 लोगों के मरने की खबर मिली है। इसके साथ ही 18 लोग घायल हैं। इसी बीच, सत्संग के आयोजक का बयान सामने आया है। आयोजनकर्ता ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया है।
घटनास्थल की तस्वीर।
क्या कार्यक्रम की ली गई थी अनुमति?
सत्संग के आयोजन समिति से जुड़े महेश चंद्र ने कहा कि हमने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रम खत्म हुआ, तब भगदड़ मच गई। ये हादसा प्रशासन की कमजोरी की वजह से हुआ है।
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भगदड़ पर क्या बोला आयोजन समिति?
आयोजन समिति के सदस्य ने बताया कि हाथरस में इस कार्यक्रम का आयोजन 13 साल बाद हुआ था। हमारे पास तीन घंटे की परमिशन थी। 1.30 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद घटना हुई है। प्रशासन को अनगिनत श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में आने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस नहीं थी। कार्यक्रम खत्म हुआ तो लोग एक साथ भागने लगे और भगदड़ मची। साथ ही बरसात के मौसम में कीचड़ की वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और हादसा हो गया।
