हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में तीन दिन की हड़ताल पर गए कर्मचारियों से ऊर्जा मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने काम पर लौटने की अपील की है। विज ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) के फैसले के खिलाफ अपील करेगी और बिजली वितरण के लाइसेंस पर रोक लगाने के लिए स्टे ऑर्डर लेने की कोशिश करेगी। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल करने के बजाय सरकार के साथ मिलकर कानूनी लड़ाई लड़ने को कहा है।
हड़ताली कर्मचारियों से ऊर्जा मंत्री अनिल विज की खास अपील
ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, सरकार इस मामले में अपीलिएट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) का रुख करेगी। जरूरत पड़ने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा। सरकार और बिजली कर्मचारी यूनियनों के बीच आज दोपहर 3 बजे बैठक भी प्रस्तावित है।
नूंह-गुरुग्राम में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध
दरअसल, HERC ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला किया है। बिजली कर्मचारी इसी फैसले के विरोध में तीन दिन की हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताल के पहले दिन यानी गुरुवार, 22 अक्टूबर को कई जगह लोगों को बिजली सेवाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
'हड़ताल की बजाय केस लड़ने में सहयोग करें'
अनिल विज ने कहा कि बिजली वितरण के लाइसेंस देने की प्रक्रिया केंद्रीय कानून के तहत बने नियामक के अधिकार क्षेत्र में आती है। राज्य सरकार ने आयोग के फैसले का विरोध किया था और कानूनी लड़ाई के लिए वकील भी नियुक्त किए थे। हालांकि, आयोग का फैसला सरकार के खिलाफ आया।
विज के अनुसार, फैसला आने के करीब आधे घंटे के भीतर ही सरकार ने अपील करने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियनें अपने वकील के माध्यम से या सरकार की कानूनी टीम के साथ मिलकर मामले की तैयारी में सहयोग कर सकती हैं।
त्योहारों के बीच हड़ताल खत्म कराने की कोशिश
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौसम में लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के राज्यों से कर्मचारियों की मदद मांगी जा रही है।
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अब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच होने वाली बातचीत पर नजर है। बैठक में सहमति बनने पर हड़ताल खत्म होने की संभावना बन सकती है। हालांकि, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
