Haryana News: हरियाणा विधानसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। कांग्रेस के सदन के वॉकआउट करने के बाद इसे वोटिंग के लिए रखा गया। जिसके बाद विरोधी दलों की गैरमौजूदगी में इसे सर्वसम्मति से रिजेक्ट कर दिया गया। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने प्रस्ताव अस्वीकृत होने का ऐलान किया। जिसके बाद सदन को सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर लंबी चर्चा चली। सीएम नायब सैनी ने करीब डेढ़ घंटे का भाषण दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी (फाइल फोटो: ANI)
इस दौरान उन्होंने कहा- "मैंने इनके अविश्वास प्रस्ताव को पढ़ा है, मैं हैरान हूं कि कहीं ये प्रस्ताव हड़बड़ी में तो नहीं ले आए। सीएम की स्पीच के दौरान कांग्रेस के विधायक और नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा झुंझलाहट में दिखाई दिए और सीएम को हरियाणा के मुद्दों पर बात करने की कई बार नसीहत दी और बाद में जब रात को करीब 10 बजे सीएम के जवाब की वजह से सदन की कार्यवाही को जब एक बार फिर से आगे बढ़ाया गया तो कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया और सीएम के द्वारा दिए जा रहे जवाब का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस ने सीएम नायब सैनी के द्वारा सदन में दिए गए जवाब को बेहद लंबा, तथ्यहीन और हरियाणा के मुद्दों की बजाय बेवजह की बातें करार दिया।
बूथों पर कांग्रेस के सांसद
हालांकि हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए हरियाणा के सीएम नायब सैनी पूरी तैयारी के साथ आए थे। सैनी ने राहुल गांधी के द्वारा पूर्व में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा में वोट चोरी के लगाए गए सभी आरोपों का भी सदन में जवाब दिया। नायब सैनी ने कहा कि वोट चोरी की एक लंबी चौड़ी प्रेस वार्ता राहुल गांधी ने की थी। जिस विधानसभा की वोट चोरी की बात राहुल गांधी ने की वहां पर विधानसभा और लोकसभा दोनों में कांग्रेस ही जीती थी। राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में कहा कि दो बूथ पर 223 वोट एक ही फोटो से बनाए गए। इन 223 वोट का जिक्र मुलाना विधानसभा में किया गया वहां से विधायक पूजा चौधरी कांग्रेस की ही जीती। जिन दो बूथ का जिक्र किया गया वहां से लोकसभा सांसद भी कांग्रेस के ही हैं। ये लोकसभा अंबाला है और वहां से सांसद वरुण मुलाना है।
सीएम सैनी ने आगे क्या कहा?
सीएम नायब सैनी ने कहा कि राहुल गांधी को उन्हें ये फर्जी स्क्रिप्ट देने वालों पर भी जरूर ध्यान देना चाहिए। अपनी डेढ़ घंटे की स्पीच के बाद नायब सैनी ने सदन से आग्रह किया कि तथ्यों, कार्यों और जनहित के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जाए। इसके बाद कांग्रेस की गैरमौजूदगी में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दो विधायकों ने भी पहले ही सदन से ये कह कर वॉकआउट कर दिया था कि वो ना तो सरकार के साथ है और ना ही कांग्रेस के किसी प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। अविश्वास प्रस्ताव से पहले सदन में वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान भी भारी हंगामा हुआ था और कांग्रेस ने कहा कि उनके द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव से ध्यान भटकाने के लिए ही सदन में एक बीजेपी विधायक के द्वारा वंदे मातरम की चर्चा पर लाये गए प्रस्ताव के बाद बेवजह सदन में वंदे मातरम पर चर्चा करवा दी गई ताकि सरकार मुद्दों को भटका सके।
