'वेज बिरयानी' नहीं 'वेज पुलाव'! हरिद्वार में संत समाज और स्थानीय लोगों ने शुरू किया जनजागरण अभियान; जानें क्या है पूरा मामला

हरिद्वार में 'वेज बिरयानी' के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जनजागरण अभियान का रूप ले चुका है। संत समाज, ब्राह्मण समाज और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर दुकानों से 'वेज बिरयानी' के बोर्ड हटाने और उनकी जगह 'वेज पुलाव' लिखवाने की पहल की। अभियान के समर्थकों का कहना है कि यह प्रयास धर्मनगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

Haridwar News: हरिद्वार में शुरू हुआ ‘वेज बिरयानी बनाम वेज पुलाव’ का विवाद अब एक बड़े जन-अभियान का रूप लेता नजर आ रहा है। अखंड परशुराम अखाड़े की पहल पर चलाए जा रहे इस अभियान को रविवार को उस समय और मजबूती मिली, जब संत समाज, ब्राह्मण समाज तथा मुस्लिम समुदाय के लोग एक मंच पर आए।

Haridwar Veg Biryani Controversy

हरिद्वार में 'वेज बिरयानी' की जगह वेज पुलाव' लिखने की उठी मांग

सभी ने मिलकर हरिद्वार और कनखल क्षेत्र की दुकानों, ठेलों और रेहड़ी-पटरियों पर लगे “वेज बिरयानी” के बोर्ड और पोस्टर हटाने का अभियान चलाया। इसके स्थान पर व्यापारियों को “वेज पुलाव” लिखे नए पोस्टर और स्टिकर लगाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के समर्थकों का कहना है कि शाकाहारी व्यंजनों को उनकी पारंपरिक पहचान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिसके तहत 'वेज बिरयानी' की जगह 'वेज पुलाव' नाम का इस्तेमाल किया जाना अधिक उचित है।

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