Hardoi Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के टोडरपुर इलाके में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां अचानक एक पुल का बीम टूटकर गिर गया है और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए हैं। इस दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ से ही मोर्चा संभालते हुए शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना वक्त गंवाए सीधे दुर्घटनास्थल पर पहुंचने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। डीएम एसपी सहित जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है।
हरदोई के टोडरपुर में पुल का बीम टूटा
दो मजदूर घायल
लखनऊ-शाहजहांपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर थाना बेहटा गोकुल क्षेत्र के अंतर्गत सैदपुर गांव के पास शारदा नहर पर बन रहे ओवरब्रिज का एक बड़ा हिस्सा सोमवार को ताश के पत्तों की तरह ढह गया। ओवरब्रिज निर्माण के दौरान गार्डर लॉन्चिंग के वक्त क्रेन का संतुलन बिगड़ने से यह भयानक हादसा हुआ, जिसमें लगभग 100 मीटर पुल का हिस्सा प्रभावित हुआ है। इस घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गार्डर गिरने की जोरदार आवाज के साथ ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आस-पास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं।
मलबे में किसी के दबे होने की आशंका नहीं
इस मलबे की चपेट में आने से कार्यस्थल पर मौजूद दो श्रमिक, जिनकी पहचान राहुल (पुत्र छोटेलाल) और राजेश्वर (पुत्र गेंदालाल) के तौर पर हुई है घायल हो गए। हादसे में राहुल के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर है, जबकि राजेश्वर के सिर में गहरी चोट आई है। दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) टोडरपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका नहीं है।
NHAI के खिलाफ प्रशासन सख्त
बता दें कि करीब एक से डेढ़ महीने पहले भी ठीक इसी स्थान पर इसी तरह का हादसा हुआ था, लेकिन ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों ने उससे कोई सबक नहीं लिया। बार-बार हो रही इन गंभीर घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए हरदोई के जिलाधिकारी (DM) अनुनय झा ने निर्माण करा रही संस्थ NHAI के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की विस्तृत और तकनीकी जांच कराने के लिखित निर्देश दिए हैं।
