Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में लगातार कई दिनों से जारी भारी बारिश और खराब मौसम के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अतिवृष्टि, मकान गिरने और सर्पदंश जैसी घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 330 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस बीच, बारिश की आफत से परेशान होकर एक युवक द्वारा जिलाधिकारी (DM) से भगवान इंद्रदेव के खिलाफ जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का अनोखा मामला सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा बटोर रहा है।
हरदोई में मूसलाधार बारिश का तांडव (सांकेतिक चित्र)
संडीला तहसील सबसे अधिक प्रभावित
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने बताया कि 25 से 27 सितंबर के दौरान हुई मूसलाधार बारिश से जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। हादसों में सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें से पांच की जान बारिश से जुड़ी घटनाओं में और दो की सर्पदंश से गई है। इसके अलावा 7 लोग घायल हुए हैं और 30 मवेशियों की भी मौत हो गई है। जिले में संडीला तहसील बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। अकेले संडीला में दो लोगों की मौत हुई है, 6 लोग घायल हुए हैं और 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य तेज
जिले के कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें धरातल पर उतरकर राहत कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, राशन और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। जलभराव हटाने के साथ-साथ सड़क और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
"इंद्रदेव बिना बताए बारिश करा रहे हैं", युवक ने DM से लगाई गुहार
आफत की इस बारिश के बीच मल्लावां ब्लॉक के नेवादा परस गांव निवासी सूरज तिवारी नाम के युवक ने अपनी परेशानी को सीधे शासन के जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर पहुंचा दिया। सूरज ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर भगवान इंद्रदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सूरज ने अपनी शिकायत में लिखा कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन ठप हो गया है। उसने लिखा, "इंद्रदेव लगातार बारिश कराकर आम जनता को परेशानी में डाल रहे हैं। चूंकि मुझे इंद्रदेव का मोबाइल नंबर ज्ञात नहीं है, इसलिए जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध है कि वे अपने दिव्य संपर्कों और माध्यमों का इस्तेमाल कर इंद्रदेव को तत्काल बारिश रोकने के निर्देश जारी करें।" सोशल मीडिया पर यह शिकायत पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे प्रशासनिक बदहाली और जलभराव की समस्या पर आम जनता का एक अनोखा व्यंग्य और अनोखा विरोध प्रदर्शन मान रहे हैं।
