Hanle-Chumar Road Open: जम्मू-कश्मीर की वादियों और दुर्गम चोटियों तक आवागमन आसान बनाने की दिशा में तेजी कार्य चल रहा है। खासकर, पड़ोसी देशों के बॉर्डर एरिया तक सेना आसानी से पहुंच सके, इसके लिए सरकार सकड़ों का निर्माण कर रही है। इसी क्रम में लद्दाख के हानले से चुमार तक विकसित किए गए मार्ग को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट हिमांक के तहत निर्मित हानले को सीमावर्ती गांव चुमार से जोड़ने वाली 91 किलोमीटर लंबी सड़क लद्दाख में जनता के लिए खोल दी गई है। यह मार्ग 14,500 से 17,200 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसमें साल्सा ला दर्रा भी शामिल है।
हानले से चुमार तक खुली रोड
भारतीय सेना ने इस परियोजना के खुलने पर एक वीडियो शेयर किया है, जिससे काफी मनमोहक दृश्य दिख रहे हैं। पहाड़ों के बीच से गुजर रही यह सड़क काफी रोमांचित करती नजर आएगी। इसके खुलने से दुर्गम चोटियों की ओर पहुंचना आसान होगा। यह सड़क सीमा पर सशस्त्र बलों के लिए रणनीतिक संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ हानले वेधशाला, क्यूं त्सो झील, चिलिंग त्सो झील और आगे त्सो मोरीरी जैसे खूबसूरत मनमोहक स्थानों को जोड़कर क्षेत्र में स्थानीय संपर्क और पर्यटन को भी सुगम बनाएगी।
LAC तक डायरेक्ट रोड
जानकारी के मुताबिक, हानले-चुमार रोड लद्दाख के पूर्वी हिस्से में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास तक पहुंचती है। यह मार्ग हानले और चुमार जैसा महत्वपूर्ण स्थानों को कनेक्ट करता है। यह सड़क रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास, परिचालन तत्परता को बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और लद्दाख के दूरस्थ क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके बनने से आम लोगों के साथ सेना को बड़ी सहूलियत मिलेगी। रणनीतिक तौर पर यह काफी अहम साबित होगी। इसके जरिए चीन सीमा तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। किसी भी विपरीत परिस्थिति (युद्ध) में सेना चीन बॉर्डर तक पहुंचने पर कारगर साबित होगी। इसके अलावा रूट पर पड़ने वाले स्थानों तक रोजमर्रा की चीजें आसानी से पहुंच सकेगी, जिससे जीवन आसान बनेगा।
प्रकृति की गोद पर बनी सड़क
यह मार्ग काफी खूबसूरत और प्रकृति की गोद से होकर गुजरा है, जिससे यात्रियों को रोमांचक एहसास होगा। खासकर, हानले वेधशाला और खगोल विज्ञान के लिए यह मार्ग रोमांच और एडवेंचर चाहने वालों के लिए एक अच्छा अनुभव प्रदान करता है। हालांकि, यह सड़क उच्च ऊंचाई (High Altitude) पर स्थित है। लिहाजा यह सफर करने के लिए इनर लाइट परमिट (ILP) की आवश्यकता होगी। यहा ऑक्सीजन की काफी कमी महसूस होती है।
हानले-चुमार रोड जितनी ऊंचाई पर विकसित की गई है वाकई में इंजीनियरिंग का कमाल है। यहां से थोड़े ऊपर बादल तैरते नजर आते हैं। यहां खुला आसमान, नुकीली पर्वत श्रृंखलाएं और सफेद बादल काफी रोमांचित करते हैं। यहां से तिब्बत के नजारे साफ दिखाई देते हैं। इस पर सफर करने के लिए कार और बाइक से काफी अच्छा अनुभव प्राप्त होगा। ड्राइवर की कुशलता से सफर मजेदार होगा। हालांकि, इससे पूर्व इस मार्ग पर कोई दुकान इत्यादि नहीं थी, लेकिन अब सड़क के निर्माण से उसके आसपास दुकानें और होटल इत्यादि खुलेंगे, जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। इससे पूर्व पर्यटकों वहां तक पहुंचने के लिए खाद्य सामाग्री का इंतजाम करके ले जाना होता था।
