बर्फीली चोटियां, बादलों से होगी बात! खुल गई चीन बॉर्डर तक डायरेक्ट रोड; 17 हजार फीट ऊंचाई पर दौड़ाइये गाड़ियां

Hanle-Chumar Road Open: लद्दाख स्थित हानले से चुमार तक विकसित की गई 91 किलोमीटर लंबी सड़क को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस सड़क के खुलने से पूर्वी लद्दाख के अंदरूनी हिस्सों को महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ा जा सकेगा। अब यह सड़क क्षेत्र में परिवहन के लिए रणनीतिक महत्व रखेगी, जिससे सैनिकों और आपूर्ति की आवाजाही आसान होगी। आइये जानते हैं इस सड़क के जरिए सफर कितना रोमांचक होगा?

Hanle-Chumar Road Open: जम्मू-कश्मीर की वादियों और दुर्गम चोटियों तक आवागमन आसान बनाने की दिशा में तेजी कार्य चल रहा है। खासकर, पड़ोसी देशों के बॉर्डर एरिया तक सेना आसानी से पहुंच सके, इसके लिए सरकार सकड़ों का निर्माण कर रही है। इसी क्रम में लद्दाख के हानले से चुमार तक विकसित किए गए मार्ग को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट हिमांक के तहत निर्मित हानले को सीमावर्ती गांव चुमार से जोड़ने वाली 91 किलोमीटर लंबी सड़क लद्दाख में जनता के लिए खोल दी गई है। यह मार्ग 14,500 से 17,200 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसमें साल्सा ला दर्रा भी शामिल है।

Hanle Chumar Road Open

हानले से चुमार तक खुली रोड

भारतीय सेना ने इस परियोजना के खुलने पर एक वीडियो शेयर किया है, जिससे काफी मनमोहक दृश्य दिख रहे हैं। पहाड़ों के बीच से गुजर रही यह सड़क काफी रोमांचित करती नजर आएगी। इसके खुलने से दुर्गम चोटियों की ओर पहुंचना आसान होगा। यह सड़क सीमा पर सशस्त्र बलों के लिए रणनीतिक संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ हानले वेधशाला, क्यूं त्सो झील, चिलिंग त्सो झील और आगे त्सो मोरीरी जैसे खूबसूरत मनमोहक स्थानों को जोड़कर क्षेत्र में स्थानीय संपर्क और पर्यटन को भी सुगम बनाएगी।

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