Gurugram News: गुरुग्राम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार नेपाली नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों में शेर बहादुर कार्की, मिलन थापा, धनंजय राय और मनीष (नेपाली नागरिक) तथा पंजाब के वीरेंद्र पाल सिंह शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप और नकली मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर निवेशकों को ठगा। इस मामले में पुलिस ने सात मोबाइल फोन, 20 एटीएम कार्ड, 18 चेक बुक और चार बैंक पासबुक भी जब्त किए हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगों को गिरफ्तार किया (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
पुलिस के अनुसार, 1 नवंबर 2025 को एक स्थानीय निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे व्हाट्सऐप ग्रुप और नकली ऐप के माध्यम से ठगी का शिकार बनाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे शेयर बाजार और आईपीओ निवेश के जरिए लाभ कमाने का लालच देकर फंसाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। जांच के दौरान, साइबर पुलिस की टीम ने मंगलवार रात राजेंद्र पार्क क्षेत्र से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान क्या सामने आया?
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि धोखाधड़ी से प्राप्त राशि में से दो लाख रुपये तारा लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। एसीपी साइबर प्रियांशु दीवान के अनुसार, यह बैंक खाता मिलन थापा और शेर बहादुर कार्की ने धोखाधड़ी के माध्यम से कंपनी के नाम पर खुलवाया था। उन्होंने बताया कि बाद में यह खाता मनीष को 5,000 रुपये में बेचा गया। मनीष ने इसे फिर आरोपी वीरेंद्र को खाते में जमा राशि पर पांच प्रतिशत कमीशन के आधार पर हस्तांतरित किया। दीवान ने आगे कहा कि वीरेंद्र ने खुलासा किया कि उसने इस खाते को किसी अन्य व्यक्ति को जमा राशि के दो प्रतिशत कमीशन पर बेच दिया था।
(इनपुट- भाषा)
