IPS Mamta Singh in Nuh Violence:हरियाणा के नूंह में हिंसा के बीच एक पुलिस अधिकारी की जांबाजी की कहानी की खासी चर्चा हो रही है जिसने बेहद जांबाजी के साथ वहां हो रही फायरिंग और पत्थराबाजी के बीच तकरीबन ढाई हजार लोगों की जान बचाई, उनकी बहादुरी को लोग सलाम कर रहे हैं।
हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा जिस ब्रजमंडल यात्रा में शुरू हुई वो यात्रा एक किलोमीटर ही आगे बढ़ी थी कि नूंह के खेड़ला गांव में भीड़ ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी।धार्मिक स्थल में बड़ी संख्या में लोग बचने के लिए छुप गए। ये ढाई हजार लोग जहां छुपे हुए थे उन्हें बचाने का श्रेय दिया जा रहा है एक जाबांज IPS अफसर का इनका नाम है ममता सिंह
वहीं ममता सिंह ने कहा कि- 'मैंने तो सिर्फ अपना काम किया है। लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मेरी और टीम की जिम्मेदारी थी। जिस समय पुलिस फोर्स पहुंची थी, उस समय भी फायरिंग और पत्थरबाजी हो रही थी। सभी लोगों को डेढ़ से दो घंटे में बाहर निकाल लिया गया था।'
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल बिज ने की तारीफ
इस मामले पर गृह मंत्री हरियाणा अनिल बिज बोले कि- 'उपद्रव के दौरान एक मंदिर में लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) ममता सिंह व अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। आईपीएस ममता सिंह दिलेरी के साथ डटी रहीं और लोगों को वहां से मुक्त कराया।'
होमगार्ड के जवान नीरज की गोली लगने से मौत
गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन ने कहा कि उनके जिले से होमगार्ड के दो जवान नूंह से सटे इलाके में हुई हिंसा में मारे गए। अधिकारी ने बताया कि नूंह हिंसा में करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि होमगार्ड के जवान नीरज की गोली लगने से मौत हो गई। हिंसा में मारे गए होमगार्ड के दूसरे जवान की पहचान गुरसेवक के रूप में हुई।
