Dwarka Expressway Update: भारत का पहला एलिवेटेड द्वारका एक्सप्रेसवे लोगों के लिए खोल दिया गया है। इस पर तेज स्पीड से गाड़ियां दौड़ रही हैं। हालांकि, वाहन चालकों के लिए कुछ नियम भी बनाए गए, जिन्हें फॉलो करना होगा। किसी प्रकार से नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जा सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तेज रफ्तार वाहनों के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे और एनएच-48 पर स्पीड कैमरे लगाने का प्लान बना चुकी है। इस काम को करने के लिए एक कंपनी को ठेका दिया गया है। आने वाले छह महीने के अंदर इन कैमरों को लगा दिया जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे
स्पीड लिमिट निर्धारित
जानकारी के मुताबिक, स्पीड कैमरे के साथ-साथ सर्विलांस कैमरे भी लगाए जाएंगे। इनका कंट्रोल रूम द्वारका एक्सप्रेस वे पर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर गांव बजघेड़ा के समीप स्थित टोल प्लाजा पर बनाया जाएगा। इसी माह 11 मार्च को द्वारका एक्सप्रेस वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। करीब 29 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे का गुरुग्राम हिस्सा खोल दिया गया है। एक्सप्रेसवे पर 120 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से वाहन दौड़ रहे हैं, जबकि स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। इतना ही नहीं जल्दी पहुंचने की चाहत में कई लोग गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं। लिहाजा, इन सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्पीड कैमरे लगाने की योजना तैयार कर उसे जल्द अंजाम देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।
यातायात उल्लंघन करने पर कटेगा चालान
हालांकि, इन सभी गतिविधियों पर यातायात पुलिस नजर रख रही है। यातायात उल्लंघन कर रहे वाहन चालकों के चालान काट रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एनएचएआई ने चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व एक कंपनी को स्पीड और सर्विलांस कैमरे लगाने का ठेका आवंटित कर दिया है। इससे उन वाहन चालकों से निपटने में आसानी होगी जो मनमानी तरीके से एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।
