Covid का खौफ! बेटे संग महिला ने खुद को तीन साल तक किया घर में कैद, कबाड़खाने में तब्दील हुआ घर

  • Authored by: किशोर जोशीCurated by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 23, 2023, 08:38 AM IST

दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक महिला कोविड के खौफ से तीन साल तक घर से बाहर नहीं निकली। महिला ने अपने बेटे को भी घर से बाहर नहीं जाने दिया। अब किसी तरह घर का दरवाजा तोड़कर महिला को बाहर निकाला गया है।

Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने कोविड (Covid 19) के डर से खुद को और अपने बेटे को 3 साल तक अपार्टमेंट में कैद रखा। यहां तक कि महिला ने अपने पति को भी अपार्टमेंट में नहीं घुसने दिया जिस वजह से पति किराए के घर में रहकर नौकरी कर रहा था। अब किसी तरह महिला और बच्चे को पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला है। घर की जो तस्वीरें सामने आई हैं वो एक कबाड़खाने से कम नहीं है।

Gurugram Women Locked

महिला के घर की तस्वीरें

पति को तक नहीं दी घर में एंट्री

गुरुग्राम की बाल कल्याण समिति सदस्य उषा सोलंकी ने बताया, 'गुरुग्राम के चक्करपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और बच्चा पिछले 3 साल से एक फ्लैट में बंद हैं. उनकी पत्नी न तो उन्हें अपार्टमेंट में प्रवेश करने देती हैं और न ही अपने बेटे को बाहर भेजती हैं। पुलिस को शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया और टीमों को फ्लैट भेजा गया। कोविड के डर से महिला ने खुद को और बेटे को कैद कर लिया और काम के लिए बाहर जाते समय उसने पति से दूसरा फ्लैट लेने के लिए कहा। उसका पति उसे पैसे भेजता था और उन्हें किराने का सामान देता था। उनका बेटा अब 11 साल का है। दोनों को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया। महिला की मानसिक स्थिति की भी जांच की जाएगी। जांच चल रही है।'

पति घर के बाहर छोड़ जाता था सामान

महिला की पहचान मुनमुन मांझी के रूप में हुई है जिन्हें 10 साल के बेटे के साथ गुरुग्राम के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला का पति सुजान मांझी एक इंजीनियर है। सुजान ने कुछ दिन अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर बिताए लेकिन बाद में उन्होंने अपने परिवार के संपर्क में रहने के लिए उसी इलाके में एक और घर किराए पर ले लिया। वह वीडियो कॉल के जरिए उनके संपर्क में रहकर परिवार की सभी जरूरतों को पूरा कर रहा था। सुजान पत्नी वाले घर मासिक किराया, उनके लिए किराने का सामान और सब्जियां खरीदकर मुख्य दरवाजे पर छोड़ देता।

कई बार हुआ मनाने का प्रयास

सिलेंडर बदलने के बाद महिला ने कथित तौर पर गैस चूल्हे का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। इसके बजाय उसने खाना पकाने के लिए इंडक्शन हीटर का इस्तेमाल किया। महिला का बेटा ऑनलाइन क्लास लेता था। सुजान ने उसे मनाने के कई प्रयास किए लेकिन सब व्यर्थ रहा। उसने अपने ससुराल वालों को मुनमुन से बात करने के लिए भी कहा। लेकिन मुनमुन अपने फैसले पर इतनी अडिग थी कि वह कहती थी कि जब तक उनके पास बच्चों के लिए कोविड का टीका नहीं आ जाता तब तक वह और बच्चा घर से बाहर नहीं निकलेंगे। अब तक 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई टीका नहीं था, महिला का बेटा अभी 10 साल का है।

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