Gurugram: साइबर सिटी में रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। तलाक के एक मामले में अदालत में बयान दर्ज कराने की एवज में रिश्वत मांगने वाली प्रोटेक्शन ऑफिसर को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। महिला प्रोटेक्शन ऑफिसर पर पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। पीड़ित ने इसका साक्ष्य विजिलेंस में जमा करने के साथ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत दर्ज होने के बाद स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी प्रोटेक्शन ऑफिसर मीना कुमारी को जांच के लिए ऑफिस बुलाया था। जहां पर पूछताछ के बाद आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्वत मांगने वाली प्रोटेक्शन ऑफिसर गिरफ्तार ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि मोलाहेडा की रहने वाली निशा यादव का पति के साथ तलाक का केस चल रहा है। इसी मामले में प्रोटेक्शन अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए निशा यादव ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में निशा ने आरोप लगाया था कि तलाक के इस मामले में प्रोटेक्शन ऑफिसर मीना कुमारी को उसके बयान अदालत में दर्ज कराने थे। लेकिन आरोपी अधिकारी उसका बयान दर्ज नहीं करा रही थी। यह बयान दर्ज कराने के बदले मीना कुमारी ने पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता ने रिकॉर्ड कर ली थी रिश्वत मांगने की बात
आरोपी महिला अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की इस पूरी बातचीत को शिकायतकर्ता ने रिकॉर्ड कर लिया था। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को बताया था कि वह आरोपी को मांगी गई रकम नहीं दे पाई थी, जिसकी वजह से उसका बयान कोर्ट में दर्ज नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत के साथ रिकॉर्डिंग भी विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी थी। जिसकी जांच के बाद आरोपी मीना कुमारी को जांच में शामिल होने के लिए मंगलवार शाम को विजिलेंस ऑफिस बुलाया गया था। यहां पर लंबी पूछताछ के बाद विजिलेंस ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस इंस्पेक्टर मीनाक्षी ने बताया कि जांच और पूछताछ में शिकायत की पुष्टि हुई है। जिसके कारण ही आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत मांगने वाले रिकॉर्ड को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा गया है। साथ ही आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है। जांच में पता चला है कि यह महिला अधिकारी इसी तरह से लोगों पर दबाव बनाकर रिश्वत वसूलती थी। आरोपी के सभी दावों की पुष्टि की जा रही है।
