Gurugram: हमारे दिमाग में जब साइबर सिटी गुरुग्राम का चलचित्र चलता है, तो सबसे पहले वहां की ऊंची-ऊंची इमारतों और बिजनेस हब की तस्वीर उभरने लगती है। यहां मौजूद शानदार मॉल, नाइटक्लब और ट्रेंडी रेस्टोरेंट सभी को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। आधुनिक शहर के तौर पर पहचान बना चुके इस शहर के बारे में कम ही लोगों को पता है कि यह शहर अपने अंदर इतिहास के धरोहर को भी संजोए हुए हैं। अगर आप गुरुग्राम में हैं या घूमने के लिए जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इस आधुनिक शहर की इन 5 ऐतिहासिक जगहों को देखना न भूलें।
फर्रुखनगर किला
फर्रुखनगर किला का निर्माण फर्रुखनगर के पहले नवाब फौजदार खान ने वर्ष 1732 में अपने निवास स्थल के तौर पर कराया था। यह एक विशाल अष्टकोणीय संरचना है, जो वास्तुकला की मुगल शैली के तत्वों को प्रदर्शित करती है। मुगल काल के इस ऐतिहासिक किले की सबसे प्रभावशाली विशेषताओं में विशाल दिल्ली दरवाजा है। यह किला अब धीरे-धीरे खंडहर में बदल रहा है, लेकिन इसके बाद भी इतिहास से जुड़ाव रखने वाले लोगों के लिए यह पसंदीदा जगह है।
शीश महल
गुरुग्राम का शीश महल यहां पर घूमने के लिए सबसे खूबसूरत ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इस शानदार महल का निर्माण 18वीं सदी के शुरूआती दौर में फौजदार खान ने करवाया था। दो मंजिला संरचना के रूप में डिजाइन किया गया यह महल गुम्बजदार इमारत की तरह दिखता है। इस महल में जाने के लिए 12 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। महल के अंदरूनी हिस्सो को शीशों के साथ जड़ी हुई चीजें सुशोभित करती हैं। इस महल के अंदर फर्रुखनगर के उन शहीदों के लिए स्मारक बनाया गया है, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए 1857 के विद्रोह में भाग लिया था।
बाओली घौस अली शाह
बाओली गौस अली शाह भी गुरुग्राम के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यह फर्रुखनगर किले के पास स्थित है। इसका निर्माण 18 वीं शताब्दी में गौस अली शाह नाम के एक स्थानीय प्रमुख द्वारा कराया गया। इसलिए इसका नाम बावली घौस अली शाह रखा गया है। यह एक अष्टकोणीय बाओली है जो तीन मंजिला गहरी है।
बादशाहपुर किला और बावली
बादशाहपुर फोर्ट के नाम से जाना जाने वाला यह किला मुगल काल का है। यह अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की पत्नियों में से एक के निवास के लिए बनवाया गया था। बहादुर शाह जफर यहां पर अक्सर अपनी बेगम से मिलने के लिए यहां आते थे। यह ऐतिहासिक किला अपने समय का बहुत ही भव्य महल था, हालांकि अब यह अपना वैभव खो खंडहर की स्थिति में पहुंच रहा है। इस महल के अंदर कई सुरंग मौजूद है, जिसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ यहां पहुंचती है।
दिगंबर मंदिर
गुरुग्राम के प्रसिद्ध दिगंबर मंदिर को मुगल शासन के दौरान बनाया गया था। इस जैन मंदिर का निर्माण 17 वीं शताब्दी में किया गया। यह पूजा स्थल 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को समर्पित है। यह मंदिर अपने शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है। यहां पर प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की भीड़ पहुंचती है।
