दिल्ली से सटे गुरुग्राम में आज यानी बुधवार 15 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की दो बड़ी घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहली घटना शहर में पटौदी रोड स्थित एक कंपनी के वेयरहाउस में हुई, जबकि दूसरी आग सेक्टर-29 स्थित बंद पड़े किंगडम ऑफ ड्रीम्स (Kingdom of Dreams) के परिसर में लगी। बता दें कि एक समय 'किंगडम ऑफ ड्रीम्स' गुरुग्राम की पहचान था। दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का अभियान जारी रखा।
गुरुग्राम के किंगडम ऑफ ड्रीम्स में लगी भीषण आग
पहली घटना मंगलवार देर रात झुंड सराय इलाके में पटौदी रोड पर स्थित लाइफलॉन्ग (Lifelong) कंपनी के वेयरहाउस में हुई। आग लगते ही वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत परिसर को खाली कर दिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
दो दर्जन से ज्यादा फायर टेंडर पहुंचे
भीषण आग को देखते हुए गुरुग्राम के सभी फायर स्टेशनों के अलावा निजी कंपनियों की दमकल गाड़ियों सहित दो दर्जन से अधिक फायर टेंडर मौके पर बुलाए गए। आग इतनी तेजी से फैली कि उसी भवन में संचालित दो अन्य कंपनियां भी इसकी चपेट में आ गईं।
प्लास्टिक ग्रेन्यूल के कारण तेजी से फैली आग
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वेयरहाउस में रखे प्लास्टिक ग्रेन्यूल, रसायन और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे तीनों यूनिटों को भारी नुकसान पहुंचा। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। प्रशासन इस वेयरहाउस में आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है और इसके बाद विस्तृत सर्च ऑपरेशन भी चलाया जाएगा।
किंगडम ऑफ ड्रीम्स में लगी आग
इसी बीच आज यानी बुधवार दोपहर लगभग 1:45 बजे गुरुग्राम सेक्टर-29 स्थित सालों से बंद पड़े किंगडम ऑफ ड्रीम्स परिसर में भी आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने 12 फायर टेंडर मौके पर भेजे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था और न ही किसी के फंसे होने की सूचना मिली।
दोनों घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं होने से राहत मिली है, लेकिन लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने औद्योगिक इकाइयों और बड़े व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटा है।
