Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों ने दिनदहाड़े नगर परिषद सुल्तानगंज कार्यालय में घुसकर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। अज्ञात बदमाशों ने नगर सभापति राज कुमार गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलीबारी के बाद पूरे कार्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार को शरीर में तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं नगर सभापति राज कुमार गुड्डू भी गोली लगने से घायल बताए जा रहे हैं। सरकारी कार्यालय के अंदर हुई इस बड़ी वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
भागलपुर में फायरिंग से सनसनी
कार्यालय में मचा हड़कंप
घटना के बाद नगर परिषद सुल्तानगंज कार्यालय में हड़कंप मच गया और सभी कर्मचारी तुरंत एकजुट हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों और वार्ड पार्षदों ने घायल नगर सभापति राज कुमार गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार को तत्काल इलाज के लिए सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया।
पूरे मामले की जांच शुरू
अस्पताल में डॉ. कुंदन भाई पटेल ने प्राथमिक उपचार करने के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस हरकत में आ गई। प्रोबेशनरी एसएसपी सायम रजा और इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। बाद में दोनों घायलों को एंबुलेंस के जरिए मायागंज अस्पताल भेजा गया।
सिर में गोली लगने की जानकारी
घटना में नगर सभापति राज कुमार गुड्डू के सिर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है, जबकि कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार को शरीर में तीन गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल कृष्णा भूषण कुमार को भागलपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत होने की खबर है। वारदात के बाद सुल्तानगंज थाना पुलिस ने नगर परिषद कार्यालय को सील कर दिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई
पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है। वहीं सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद सुल्तानगंज के सभापति और उपसभापति के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश को भी घटना की एक संभावित वजह माना जा रहा है। घटनास्थल पर नगर परिषद सुल्तानगंज के कई कर्मचारी, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
