Surat Live In Partner Murder: गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत के इच्छापुर इलाके से घरेलू हिंसा और आवेश में आकर किए गए कत्ल का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां महज 50 रुपये के मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते घर को श्मशान में बदल दिया। पुलिस ने फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से एक ऐसी हत्या की गुत्थी को सुलझाया है, जिसे हादसे की शक्ल देकर रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की गई थी।
50 रुपये के लिए विवाद, फिर आलू छीलने वाले चाकू से सीने पर वार; 48 घंटे में खुला 'लिव-इन पार्टनर' की हत्या का खौफनाक राज
न्यू सिविल अस्पताल की सूचना से खुला मामला
एम डिवीजन (जोन-7) की सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) श्वेता डेनियल ने बताया कि 23 जून को इच्छापुर पुलिस को न्यू सिविल अस्पताल से एक मेडिको-लीगल केस (MLC) की जानकारी मिली थी। 108 एंबुलेंस के जरिए गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए रामरतन यादव को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य परिस्थितियों में हुई मौत मानकर जांच शुरू की थी। लेकिन जैसे ही फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट सामने आई, पुलिस के होश उड़ गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि रामरतन की मौत किसी हादसे से नहीं, बल्कि सीने पर धारदार हथियार से किए गए वार के कारण आंतरिक रक्तस्राव (Bleeding) और शॉक लगने से हुई थी।
₹50 के लिए शुरू हुआ था खूनी खेल
संदेह होने पर इच्छापुर पुलिस ने जब मृतक की लिव-इन पार्टनर मनीषाबेन राठौड़ और आस-पास के पड़ोसियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो परत-दर-परत सच सामने आ गया। दर्ज एफआईआर (FIR) के अनुसार, 23 जून की शाम मनीषाबेन ने सब्जी लाने के लिए रामरतन से 50 रुपये मांगे थे। रामरतन ने पैसे देने से साफ मना कर दिया और गुस्से में आकर मनीषाबेन के बाल पकड़कर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रामरतन लगभग हर शाम शराब के नशे में मनीषाबेन के साथ मारपीट करता था, इसलिए अक्सर होने वाले इस शोर-शराबे के कारण कोई बीच-बचाव करने नहीं आता था।
आंगन में बैठे पार्टनर पर किया आखिरी वार
रोज-रोज की पिटाई और उस शाम हुए विवाद से गुस्साए मनीषाबेन ने पहले आत्मरक्षा में एक पत्थर उठाकर रामरतन पर फेंका, जो उसके पैर पर जाकर लगा। इसके बाद वह घर के अंदर गई और रसोई में इस्तेमाल होने वाला आलू छीलने वाला चाकू (पोटैटो पीलर नाइफ) उठाकर रामरतन के पैर पर मार दिया। पैर में चोट लगने के बाद रामरतन घर से बाहर आंगन में चला गया और वहां बैठकर मनीषाबेन को लगातार गालियां देने लगा। गालियों से भड़की मनीषाबेन कुछ देर बाद दोबारा वही चाकू लेकर बाहर आई और जब रामरतन बेफिक्र होकर बैठा था, तब उसने सीधे उसके सीने में चाकू घोंप दिया।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश नाकाम; आरोपी गिरफ्तार
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद मनीषाबेन बुरी तरह घबरा गई। उसने अपनी मां और बहन को फोन कर झूठ बोला कि रामरतन को सिर्फ एक पत्थर लगा है जिससे वह बेहोश हो गया है। उसने पुलिस के सामने भी शुरुआती पूछताछ में यही मनगढ़ंत कहानी दोहराई थी ताकि वह कानून के शिकंजे से बच सके।
एसीपी श्वेता डेनियल के मुताबिक, तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक सबूतों के आगे आरोपी महिला ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इच्छापुर पुलिस ने अब आरोपी मनीषाबेन राठौड़ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 212(क) (लोक सेवक को झूठी सूचना देकर गुमराह करना) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
