Gujarat News: गुजरात के नर्मदा जिले में भारी बारिश के दौरान ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर गंभीर समस्या बनकर सामने आई है। देडियापाड़ा तहसील के कंजाल गांव में सड़क संपर्क का अभाव एक प्रसूता महिला के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के चलते एंबुलेंस वहां तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने एकजुट होकर महिला को झोली में बैठाया और पैदल अस्पताल तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया।
प्रसूता के लिए ग्रामीणों ने लगा दी जान की बाजी
महिला को नदी के दूसरी ओर पहुंचाया
जानकारी के मुताबिक, महिला की हालत को देखते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई थी। एंबुलेंस गांव के नजदीक उस स्थान तक तो पहुंच गई, जहां तक सड़क उपलब्ध थी, लेकिन इसके बाद आगे जाने के लिए सही रास्ता नहीं था। मजबूरी में ग्रामीणों को महिला को खुद सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना पड़ा। करीब 20 से 25 ग्रामीणों ने मिलकर महिला को झोली में बैठाया और लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया। इस दौरान उन्हें टुकनेर नदी भी पार करनी पड़ी। बताया गया कि नदी का एक हिस्सा करीब 300 मीटर चौड़ा है। भारी बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव तेज था, जिससे रास्ता और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बावजूद ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं छोड़ी और सावधानीपूर्वक महिला को नदी के दूसरी ओर पहुंचाया।
लंबे समय से बनी हुई है परेशानी
इस दौरान कुछ ग्रामीण झोली को उठाकर आगे बढ़ते रहे, जबकि अन्य लोगों ने नदी पार कराने और रास्ते में महिला को संभालने में मदद की। काफी मशक्कत के बाद प्रसूता को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और नियमित परिवहन व्यवस्था की कमी लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। खासकर मानसून के दौरान रास्ते बेहद कठिन हो जाते हैं और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस घटना ने एक बार फिर दूरदराज के गांवों तक बेहतर सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत को उजागर कर दिया है।
