Manjalpur Bypoll: गुजरात की राजनीति में वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट (Manjalpur Assembly By-election) पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल सीट को जीतने के लिए सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने कद्दावर चेहरों को मैदान में उतार दिया है।
जानिए मांजलपुर उपचुनाव का पूरा सियासी समीकरण
रविवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष भीखाभाई राबड़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई है।
कौन हैं भीखाभाई राबड़ी?
भीखाभाई राबड़ी वडोदरा क्षेत्र के एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता हैं। वह वर्तमान में गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है; वह 1990 के दशक में तत्कालीन माधवसिंह सोलंकी सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि भीखाभाई का पुराना सियासी तजुर्बा और स्थानीय पकड़ पार्टी को इस सीट पर जीत दिला सकती है।
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बीजेपी के सामने किला बचाने की चुनौती
दूसरी तरफ, बीजेपी ने 10 जुलाई को ही वडोदरा नगर निगम के पूर्व पार्षद सतीश गोविंदभाई पटेल को अपना टिकट थमा दिया था। सतीश पटेल वडोदरा जिले के बीजेपी अध्यक्ष रह चुके हैं और स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय नेता माने जाते हैं।
दरअसल, यह उपचुनाव बीजेपी के बेहद कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण हो रहा है। योगेश पटेल का लंबी बीमारी के बाद बीती 2 जून को निधन हो गया था। वह लगातार 8 बार विधायक रहे और उन्होंने मांजलपुर सीट से 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार शानदार जीत दर्ज की थी।
अब देखना यह होगा कि क्या बीजेपी योगेश पटेल के इस मजबूत गढ़ को सतीश पटेल के जरिए बचा पाती है, या फिर कांग्रेस के अनुभवी नेता भीखाभाई राबड़ी यहाँ कोई नया उलटफेर करने में कामयाब होते हैं। मांजलपुर सीट के लिए आगामी 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी।
