शाहबेरी एलिवेटेड रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैयार की जाएगी, और निर्माण कार्य भी एनएचएआई के माध्यम से किया जाएगा। इस परियोजना की लागत लगभग 400 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसकी राशि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जारी कर दी है। यह चार किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 से शाहबेरी होते हुए एनएच 9 तक जाएगी।
NHAI बनाएगा एलिवेटेड रोड (सांकेतिक फोटो)
ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने इस परियोजना को मंजूरी दी, जिसका अनुमोदन मार्च में आयोजित बोर्ड बैठक में किया गया था। लागत साझा करने की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के बीच तय की जाएगी, हालांकि इसके विवरण पर अभी स्पष्टता नहीं है। साथ ही, इस सड़क का निर्माण कार्य एनएचएआई को सौंपा गया है, क्योंकि यह गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों को जोड़ती है। डीपीआर तैयार करने का कार्य एनएचएआई को सौंपा जा चुका है, और प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
तैयार होने में 4-5 महीने का समय
एनएचएआई को डीपीआर तैयार करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है, और इसे पूरा करने में लगभग 4-5 महीने लग सकते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, एनजी रवि कुमार के मुताबिक, बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए एक एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना बनाई गई है। यह सड़क एक मूर्ति गोलचक्कर, सेक्टर-4 से एनएच 9 तक जाएगी, जिससे ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और आने वाले एयरपोर्ट के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यह एलिवेटेड रोड 130 मीटर चौड़ी सड़क पर सेक्टर-4 से शुरू होगी।
यातायात में नहीं होगी रुकावट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इटेड़ा गोलचक्कर से शुरू होकर क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद तक विस्तारित शाहबेरी मार्ग के चौड़ा होने के बावजूद यातायात का दबाव कम नहीं हुआ है। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच यात्रा करने वाले लोगों को लगातार जाम का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के निर्माण के बाद यात्री बिना किसी रुकावट के सीधे एनएच-1 तक पहुंच सकेंगे। इसके अतिरिक्त, इसे एनएच 24 से जोड़ने के लिए एक लूप भी बनाया जाएगा। गौरतलब है कि शाहबेरी मार्ग से प्रतिदिन लगभग डेढ़ से दो लाख वाहन गुजरते हैं
