Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर व हाईटेक बनाने के लिए अब काम करने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा शहर और यमुना एक्सप्रेसवे के साथ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर और यातायात प्रबंधन पर काम किया जाएगा। बता दें कि इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। नोएडा शहर में यह व्यवस्था पहले से लागू की जा चुकी है। नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी ने ग्रेटर नोएडा में भी हाल ही में यह जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में भी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम होगा लागू। (सांकेतिक फोटो)
बता दें कि परियोजना पर काम कर रहे अधिकारियों ने बताया है कि, यह प्रोजेक्ट कम से कम जिले के 20,000 हेक्टेयर दायरे को कवर करने का काम करेगा। पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। गौतमबुद्ध नगर पुलिस यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए हाई-डेफिनिशन गुणवत्ता वाले कैमरे लगाने के लिए स्पॉट की पहचान करनी शुरू कर दी है। प्राधिकरण इसको लेकर जल्दी ही एक सर्वेक्षण करवाएगा।
यातायात और सुरक्षा को बेहतर करने का प्लान
मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी ने बताया है कि, हम जल्द ही एक एजेंसी का चयन करने वाले हैं। इसके लिए एक निविदा जारी करने का निर्णय किया है। वह एजेंसी ग्रेटर नोएडा में एकीकृत सुरक्षा और यातायात प्रबंधन प्रणाली पर विस्तार से काम करेगी। प्राधिकरण की सीईओ ने कर्मचारियों को बजट और परियोजना के अन्य विवरणों को अंतिम रूप देने का निर्देश जारी कर दिया है। एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करनी होगी। एजेंसी फाइनल होने के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू हो जाएगा। यह परियोजना यातायात और सुरक्षा को बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण की सीईओ ने बताया है कि, नोएडा शहर में यह व्यवस्था सफलता पूर्वक लागू की गई है।नोएडा में सुव्यवस्थित हुआ ट्रैफिक सिस्टम
ज्ञात हो कि पिछले एक साल में नोएडा प्राधिकरण ने शहर के 82 महत्वपूर्ण स्थानों पर 1,076 हाई-डेफिनिशन क्वालिटी के कैमरे लगवा दिए हैं। इनमें खासतौर से ट्रैफिक जंक्शन को शामिल किया गया है। इन कैमरों का प्रशासन को लाभ मिलना शुरू हो गया है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई और अगस्त महीनों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 70,000 वाहन चालकों का ई-चालान किया गया है।नए विकसित शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा के होंगे व्यापक इंतजाम
जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा व जिले के अन्य हिस्सों में और कैमरे लगाने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस पूरे जिले का सर्वे करेगी। प्राधिकरण की सीईओ ऋतु महेश्वरी ने बताया है कि, पुलिस ने बेहतर निगरानी के लिए नोएडा में विभिन्न स्थानों पर 350 और कैमरों की मांग प्राधिकरण से की है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया है कि, नोएडा शहर करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।ग्रेटर नोएडा का दायरा लगभग 38,000 हेक्टेयर का बताया जाता है। जिसमें से लगभग 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र अब लगभग विकसित हो चुका है। ग्रेटर नोएडा के बाहर यमुना एक्सप्रेसवे के साथ नए विकसित शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा की अधिक जरूरत है। पुलिस उन स्थानों की पहचान करने में जुट गई है जहां पर यातायात या सुरक्षा उद्देश्यों के लिए कैमरों की आवश्यकता महसूस हो रही है। गौतमबुद्धनगर पुलिस के एक शीर्ष अफसर ने बताया है कि, हमारा सर्वेक्षण जारी है। हम जल्द ही अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में शामिल करने का काम करेंगे।
