Greater Noida News: जेवर के रहने वाले 59 वर्षीय मिश्री लाल एक बड़ी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। मिश्री लाल भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी हैं। 17 मई को इन्हें एक अनजाने नंबर से फोन आया, जिसमें खुद को TRAI का कर्मचारी बताने वाले शख्स ने दावा किया कि उनके आधार और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनीलॉन्ड्रिंग के एक मामले में हुआ है। कॉल को तुरंत मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन के कथित अधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया गया, जहां उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी गई और वीडियो कॉल पर पूछताछ की बात कही गई। बस फिर क्या, मिश्री लाल को इस बात के झांसे में लेकर बड़ी ठगी हो गई।
जालसाजों ने लूटी एक करोड़ से अधिक की रकम (सांकेतिक तस्वीर)
वित्त मंत्रालय के नाम पर भेजे फर्जी दस्तावेज
वॉट्सऐप के जरिए मिश्री लाल को वित्त मंत्रालय से संबंधित कुछ दस्तावेज भेजे गए, जिससे उन्हें विश्वास दिलाया गया कि मामला गंभीर है। ठगों ने जांच के नाम पर मिश्री लाल को उनके बैंक खातों की पूरी रकम ट्रांसफर करने को मजबूर किया। डर और भ्रम की स्थिति में उन्होंने 20 मई से 12 जून के बीच छह अलग-अलग बैंक खातों में कुल एक करोड़ दो हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 13 जून को उन्हें इस ठगी का अहसास हुआ और अगले ही दिन उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की।
सावधानी ही बचाव: ऐसे जाल में फंसने से बचें
इस घटना से साफ है कि कैसे साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों की आड़ लेकर डर का माहौल बनाकर लोगों से बड़ी रकम ठग लेते हैं। यदि कोई संदिग्ध कॉल आए और सरकारी अधिकारी बनकर पूछताछ या गिरफ्तारी की धमकी दी जाए, तो तुरंत कॉल काटें और स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। किसी भी साइबर ठगी की घटना के 24 घंटे के भीतर https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी आप प्रतिक्रिया देंगे, उतनी अधिक संभावना होगी कि आपकी रकम फ्रीज कराई जा सके।ऐसे मामलों जागरूक रहें और ठगों की चालाकियों से सुरक्षित रहें।
