Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी जल्‍द दौड़ने लगेगी मेट्रो, ब्‍लू लाइन से भी होगी कनेक्‍ट, यह रहेगा रूट मैप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 1, 2023, 09:08 PM IST

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्‍ट में रहने वाले लोगों को जल्‍द ही घर के नजदीक ही मेट्रो सुविधा मिल सकेगी। एनएमआरसी ने नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलाने के लिए अपनी कागजी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मेट्रो लाइन का डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है, वहां से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर जाएगी।

KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो लाइन का डीपीआर तैयार
  • डीपीआर मंजूरी के लिए भेजा गया केंद्र सरकार के पास
  • इस 14.958 किलोमीटर मेट्रो लाइन से लाखों लोगों को होगा फायदा


Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को अब मेट्रो पकड़ने के लिए दूर तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। यहां के लाखों लोगों को जल्‍द ही उनके घर के नजदीक ही मेट्रो की सुविधा मिलने लगेगी। दरअसल, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। एनएमआरसी ने इस मेट्रो लाइन का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। कैबिनेट से इस प्रस्तावित मेट्रो लाइन की मंजूरी मिलते ही दूसरी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एनएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, अगले एक सप्‍ताह में डीपीआर पर निर्णय हो जाएगा। इसके बाद निर्माण से संबंधित टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एनएमआरसी अधिकारियों का दावा है कि, इसका निर्माण कार्य इस साल शुरू करने की पूरी कोशिश की जा रही है। एनएमआरसी ने इससे पहले भी डीपीआर भेजा था, जो किसी कारणवश रद्द हो गया था।

Greater Noida Metro

एनएमआरसी मेट्रो

बता दें कि, अभी नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन पर ट्रेन का संचालन ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से लेकर सेक्टर 51 तक किया जा रहा है। अब इसी लाइन को अगले फेज में विस्‍तार दिया जाना है। एनएमआरसी अब इसे नॉलेज पार्क-5 तक ले जाने की योजना पर काम कर रहा है। इस विस्‍तारित लाइन पर कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। मेट्रो की यह लाइन यहां के कई सेक्‍टरों और सोसायटियों को कनेक्टिविटी देगा। इसके अलावा आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा। इस लाइन को विस्‍तार देने की योजना वर्ष 2010 में बनाया गया था, लेकिन इस पर कार्रवाई अब शुरू हुई है।

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