दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Noida Extension) में अवैध कॉलोनियां काटने का धंधा जोरों पर चल रहा है। यहां पर कोलोनाइजर अवैध प्लॉट काटकर भोले-भाले लोगों को अच्छे रिटर्न का झांसा दे रहे हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसी प्राइम लोकेशन पर सस्ते में प्लॉट मिलना एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है। लेकिन ऐसा है नहीं, क्योंकि यहां पर अवैध कॉलोनी काटने का धंधा पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे ही चल रहा है। इसलिए सावधान रहें और किसी भी प्लॉट में अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में काटी जा रही अवैध कॉलोनियां
मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तुस्याना गांव का है। यहां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) के अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर लोगों को बेचा जा रहा है। यहां पर अवैध निर्माण के मामले में 18 कोलोनाइजर के खिलाफ मामला बी दर्ज कराया गया है। इन 18 कोलोनाइजर्स पर लोगों को झांसे में रखकर प्लॉट बेचने और रात के अंधेरे में अवैध निर्माण कराने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तुस्याना गांव में खसरा संख्या 517, 964, 967, 975, 981, 984, 985, 1007 पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही है। यह जमीन GNIDA के अधिसूचित क्षेत्र की है। यहां पर प्राधिकरण की अनुमति के बिना और बिना नक्शा पास कराए ही अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे हैं।
कोलोनाइजर इसी तरह से प्लॉट काटकर आम लोगों को बेच देते हैं और पैसे लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं। अपने खून-पसीने की कमाई से ऐसे प्लॉट खरीदने वाले लोग इन अवैध प्लॉट में फंस जाते हैं। GNIDA ने पहले भी कई बार तुस्याना में अवैध प्लॉटिंग को रुकवाने का प्रयास किया है, किन कोलोनाइजर्स इसका कोई असर नहीं पड़ रहा।
मास्टर प्लान होगा प्रभावित
तुस्याना में अवैध प्लॉट काटने के सबंध में जिला प्रशासन को भी जानकारी दी गी है। इस तरह से अवैध प्लॉट काटने और उस पर निर्माण होने से भविष्य में प्राधिकरण का मास्टर प्लॉन प्रभावित होगा। इसके अलावा वहां कार्रवाई होने पर, जिन लोगों ने कोलोनाइजर से प्लॉट खरीदा है, उन्हें भी आर्थिक नुकसान होगा।
इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
GNIDA के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार ने तुस्याना गांव में अवैध कॉलोनी काटने को लेकर 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनके नाम सत्यवीर, शहादत अली, धनीराम, गोविंद शर्मा, सुनील बंसल, हरिश्चंद्र अरोड़ा, शहादत खान, मोनू खान, निजाकत अली, मोहब्बत, दयाराम शर्मा, कृष्ण शर्मा, शिवराम शर्मा, अमित कुमार, अंकित, राजू, धूम सिंह (फरमान सैफी), नावेद आलम हैं। ईकोटेक-3 कोतवाली प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
भू-माफिया घोषित होंगे आरोपी
अवैध कॉलोनी काटने के सभी आरोपियों को भू-माफिया घोषित किया जाएगा। GNIDA के सीईओ एनजी रवि ने प्राधिकरण की टीम को सभी 18 आरोपियों को भू माफिया घोषित करने के लिए प्रशासन के साथ बात करने के निर्देश दिए हैं। वह स्वयं भी डीएम से इस संबंध में बात करेंगे। इसके साथ ही सीईओ ने लोगों से ऐसे कोलोनाइजर्स के झांसे में न आने की भी अपील की है।
क्यों झांसे में आ जाते हैं लोग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्राइवेट बिल्डरों के तमाम हाउसिंग अपार्टमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन गगनचुंभी बिल्डिंगों में अपार्टमेंट की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। सेक्टर में जमीन खरीदने के बारे में तो आम मिडिल क्लास व्यक्ति सोच भी नहीं सकता है, क्योंकि 120 मीटर के प्लॉट की कीमत भी करोड़ों में होती है। लेकिन अपने घर का सपना तो हर किसी का होता है। बस ये अवैध कोलोनाइजर इसी सपने को भुना लेते हैं। सस्ते प्लॉट का झांसा देकर अवैध प्लॉट बेचकर ये भू-माफिया फरार हो जाते हैं।
क्यों फल-फूल रहे भू-माफिया
भू-माफिया के फलने-फूलने की वजह कुछ और नहीं, बल्कि प्रशासन की अनदेखी है। भू-माफिया रूप से कॉलोनी काटते हैं, उसकी शिकायत ही नहीं होती है। पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे यह लोग अवैध रूप से कॉलोनियां काटकर बेच देते हैं। पुलिस और GNIDA को इसकी भनक तक नहीं लगती या वह पता होने के बावजूद शिकायत मिलने का इंतजार करते रहते हैं। जब तक वह कार्रवाई करते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है। आम लोग अपनी खून-पसीने की कमाई इन भू-माफियाओं को सौंप चुके होते हैं।
