रंगोत्सव 2026: बरसाना की लट्ठमार होली के लिए प्रशासन ने कसी कमर, सात जोन और 18 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मथुरा में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली के लिए सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान मेला क्षेत्र को सात जोन और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। उत्सव के तहत विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य प्रवेश द्वार, सेल्फी प्वॉइंट और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

Lathmar Holi 2026 Mathura: उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने रविवार को जानकारी दी कि मथुरा जिले में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र को सात जोन और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। मथुरा की यह विशेष होली अपनी अनूठी परंपराओं के कारण अलग पहचान रखती है। बरसाना में इसे ‘लट्ठमार होली’ कहा जाता है, गोकुल में ‘छड़ीमार होली’ और बलदेव में ‘हुरंगा’ के नाम से जाना जाता है। इस उत्सव में महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों को लाठियों या छड़ी से मारती हैं। यह परंपरा भगवान कृष्ण द्वारा बाल्यकाल में गोपियों के साथ की गई चंचल लीलाओं की स्मृति में निभाई जाती है।

Grand Preparations for Mathura World-Famous Lathmar Holi 2026 (Photo: PTI)

मथुरा की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली 2026 की भव्य तैयारियां (फोटो: पीटीआई)

कहां-कहां होगा होली का आयोजन?

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ’रंगोत्सव-2026’ की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद बताया कि 24 फरवरी को बरसाना के लाडिलीजी मंदिर में फाग आमंत्रण एवं लडडू होली, 25 फरवरी को लट्ठमार होली, 26 फरवरी को नन्दगांव व रावल में लट्ठमार होली, 27 फरवरी को श्रीकृष्णजन्म स्थान मंदिर एवं वृन्दावन के बांकेबिहारी मन्दिर में रंगों की होली तथा द्वारिकाधीश मंदिर में कुंज की होली और एक मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन किया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि तीन मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर मथुरा में चतुर्वेदी समाज का डोला निकलेगा तथा होलिका दहन किया जाएगा और चार मार्च को जनपद भर में धूलेंडी का पर्व मनाया जाएगा।

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