Gorakhpur Waterlogging: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार को हुई विनाशकारी मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया और जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शनिवार शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच महज तीन घंटों में करीब 170 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसमें से लगभग 120 मिमी पानी केवल एक घंटे के भीतर ही बरस गया, जिससे शहर के प्रमुख चौराहे और आवासीय इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए।
तीन घंटे में हुई 170 मिमी बारिश
शहर बना तालाब, दुकानों और घरों में घुसा पानी
तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते शहर के गोलघर, हरिओमनगर, विजय चौक, रुस्तमपुर, धर्मशाला, बेतियाहाता और शास्त्रीनगर सहित दर्जनों इलाकों में सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई दुकानों और रिहायशी मकानों के भीतर पानी घुस गया, जिससे भारी नुकसान की खबर है। तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
पेड़ गिरने से हादसों में 4 लोगों की मौत
बारिश और आंधी के कारण हुए हादसों में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। गोरखपुर के जिलाधिकारी (DM) दीपक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बने 'डिप्रेशन' (कम दबाव के क्षेत्र) के कारण पूरे पूर्व और पश्चिम उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई थी।
डीएम दीपक मीणा ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि कैंपियरगंज में एक झोपड़ी पर भारी पेड़ गिर जाने से उसमें बैठे तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बांसगांव में पेड़ गिरने की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई। धर्मशाला क्षेत्र में एक मकान पर पेड़ गिरने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और प्राकृतिक आपदा के तहत दिए जाने वाले दैवीय आपदा कोष एवं सरकारी योजनाओं से परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के तहत सभी तहसीलों और ब्लॉकों में एम्बुलेंस तैनात कर दी गई हैं ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो।
सांसद रवि किशन बोले-'15-19 सालों में ऐसी बारिश नहीं देखी'
स्थानीय भाजपा सांसद रवि किशन ने जलभराव और स्थिति का जायजा लेते हुए कहा, इस बार की बारिश की तीव्रता अभूतपूर्व थी। पिछले 15 से 19 सालों में किसी ने इतनी भीषण बारिश नहीं देखी। यह लगभग बादल फटने जैसी स्थिति थी। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में पानी भर गया था, लेकिन अब ड्रेनेज चैनलों के माध्यम से पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। यदि अगले 2-3 घंटे बारिश रुक जाती है तो जलभराव की स्थिति में काफी सुधार होगा। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है और एक से दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार को भी जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
