फर्जी डॉक्‍यूमेंट के सहारे उठाया 1000 करोड़ का सरकारी ठेका, बढ़ा विवाद; गोवा सरकार ने शुरू की जांच

गोवा में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी टेंडरों को लेकर सरकार ने जांच शुरू कर दी है। कुछ शिकायतों में दस्तावेजों और पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

पणजी : गोवा के लोक निर्माण विभाग में कथित 1,000 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि फर्जी और संदिग्ध दस्तावेजों के जरिए एक निर्माण कंपनी ने सरकारी ठेके लिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच-पड़ताल के बावजूद यह गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई। अब यह टेंडर विवाद प्रदेश में नये विवाद को उभार दिया है। सिविल इंजीनियर और PWD ठेकेदार ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि बागकिया कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड ने फर्जी या कथित रूप से हेरफेर किए गए वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट जमा कर गोवा पीडब्लूडी में Class IAA कॉन्ट्रैक्टर का दर्जा हासिल किया। कहा जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

Fraud

(सांकेतिक फोटो-Istock)

आरोपों के मुताबिक पूरा मामला कर्नाटक नीरावरी निगम लिमिटेड के तहत बने ‘मुडी टैंक फिलिंग स्कीम’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी एक प्रोजेक्ट के लिए तीन अलग-अलग कंप्लीशन सर्टिफिकेट गोवा के अधिकारियों के सामने पेश किए गए, जो अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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