गोवा : गोवा में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) की ओर से लगाए गए एक साझा पोस्टर ने राज्य की चुनावी राजनीति में संभावित तीसरे विकल्प को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। पोस्टर पर लिखा है, “Congress & BJP cheated you twice. Don’t let them cheat you the 3rd time.” यानी कांग्रेस और बीजेपी ने गोवा की जनता को दो बार ठगा, अब तीसरी बार उन्हें ऐसा करने का मौका न दें।
गोवा में बीजेपी-कांग्रेस के खिलाफ लगे पोस्टर
साझा पोस्टर के जरिए AAP और GFP ने बीजेपी और कांग्रेस से अलग राजनीतिक विकल्प की जरूरत का संदेश देने की कोशिश की है। दोनों दलों की ओर से उठाए जा रहे इस मुद्दे से संकेत मिल रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पारंपरिक बीजेपी-कांग्रेस मुकाबले के अलावा तीसरे मोर्चे की संभावनाएं भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकती हैं।
गोवा की राजनीति में लंबे समय से मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहा है। हालांकि, पिछले कुछ चुनावों में क्षेत्रीय दलों और आम आदमी पार्टी जैसे नए राजनीतिक खिलाड़ियों ने इस समीकरण को प्रभावित किया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी और पार्टी को करीब 6.77 प्रतिशत वोट मिले थे। मौजूदा विधानसभा में भी AAP के दो विधायक हैं। बेनाउलिम से वेन्जी वीगास और वेलिम से क्रूज सिल्वा पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई फतोर्डा से विधायक हैं।
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AAP और GFP के संभावित तालमेल का सबसे अहम पहलू दक्षिण गोवा माना जा रहा है। AAP के दोनों मौजूदा विधायक दक्षिण गोवा से हैं और विजय सरदेसाई भी दक्षिण गोवा की फतोर्डा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा AAP उत्तर गोवा में भी अपना संगठनात्मक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में 2027 के चुनाव में पार्टी के राज्यव्यापी विस्तार को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हैं।
दोनों दलों की राजनीति में बीजेपी और कांग्रेस से अलग पहचान बनाने पर जोर रहा है। AAP की ओर से बीजेपी सरकार की नीतियों को लेकर रोजगार, पर्यावरण, जमीन और स्थानीय हितों जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी बीजेपी के खिलाफ अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में किसी तीसरे राजनीतिक विकल्प के मजबूत होने की स्थिति में विपक्षी वोटों का समीकरण प्रभावित हो सकता है।
हाल के दिनों में AAP और GFP के बीच संभावित तीसरे मोर्चे को लेकर बातचीत की चर्चाएं सामने आई हैं। गोवा फर्स्ट जैसे व्यापक राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होती रही है। हालांकि, अभी दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे या किसी औपचारिक गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
यदि AAP और GFP चुनाव से पहले सीटों के तालमेल और साझा कार्यक्रम पर सहमति बनाते हैं, तो गोवा का विधानसभा चुनाव पारंपरिक बीजेपी बनाम कांग्रेस मुकाबले से आगे बढ़कर बहुकोणीय हो सकता है। खासकर दक्षिण गोवा में दोनों दलों की मौजूदा विधानसभा मौजूदगी इस संभावित गठजोड़ को महत्वपूर्ण बना सकती है।
AAP और GFP का साझा पोस्टर इसी संभावित राजनीतिक बदलाव की ओर संकेत करता है। “तीसरी बार मत ठगने देना” जैसे संदेश के जरिए दोनों दल बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ एक वैकल्पिक राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
हालांकि, विधानसभा चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं और चुनावी समीकरण आने वाले समय में कई बार बदल सकते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि AAP और GFP का संभावित तालमेल किस रूप में सामने आता है और क्या यह गैर-बीजेपी, गैर-कांग्रेस विकल्प के तौर पर गोवा में अपनी राजनीतिक जमीन को वोटों में बदल पाता है।
