Who is Sachin Yadav: भारत के स्टार जेवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा जापान की राजधानी टोक्यो में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के फाइनल से जल्दी बाहर हो गए। वह टॉप 6 में अपनी जगह नहीं बना पाए। पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी अरशद नदीम तो टॉप 8 में भी नहीं आ पाए। लेकिन एक नाम जिसने सभी को चौंका दिया वह नाम था सचिन यादव का। जी हां, सचिन यादव ने अपने पहले ही थ्रो में 86.27 मीटर तक जेवलिन फेंककर सभी की आंखों में चमक ला दी। ऐसे में आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर यह सचिन यादव हैं कौन (Who is Sachin Yadav)? तो चलिए जानते हैं।
World Championship में सचिन यादव ने सबको चौंका दिया (फोटो - PTI)
टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में अपने पहले ही थ्रो में सचिन यादव ने अपना बेस्ट दिया और 86.27 मीटर तक जेवलिन फेंका। इसके बाद उनसे उम्मीदें लगातार बनी रहीं। लेकिन पहले राउंड के बाद वह चौथे नंबर पर थे और अंत तक वह चौथे नंबर पर ही बने रहे।
सचिन के बारे में इतना जान लीजिए की वह नेशनल चैम्पियन रह चुके हैं। नेशनल में गोल्ड मेडल जीतने वाले सचिन यादव ने एशियन चैम्पियनशिप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता है। तब उन्होंने अपना व्यक्तिगत बेस्ट 85.16 मीटर तक जेवलिन थ्रो फेंका था।
सचिन यादव का जन्म 25 अक्टूबर 1999 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खेकड़ा गांव के मूल निवासी हैं। सचिन की लंबाई 6 फीट, 5 इंच है, जो उन्हें एडवांटेज देती है। एक एथलीट के तौर पर उनकी क्षमता को उनके पड़ोसी और एथलीट संदीप यादव ने पहचाना था। संदीप ने ही एस स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान सचिन के मजबूत कंधे को देखा। संदीप के मार्गदर्शन में सचिन ने 19 साल की उम्र में जेवलिन थ्रो में अपने करियर की शुरुआत की।
सचिन यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं और साल 2024 में उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए ऑल इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 84.21 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता था। इस तरह उन्होंने सतबीर सिंह का 30 साल पुराना मीट रिकॉर्ड तोड़ा था। 38वें नेशनल गेम्स में सचिन यादव ने अपना पर्सनल बेस्ट देते हुए 84.39 मीटर जेवलिन फेंका और गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 26वें एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में उन्हों अपना पर्सनल बेस्ट 85.16 मीटर जेवलिन फेंका और 1.24 मीटर से गोल्ड मेडल चूक गए, लेकिन देश के लिए सिल्वर मेडल जीता।
