Ghaziabad: गाजियाबाद के लोगों को एक्सप्रेसवे और हाईवे मिलने की सौगात जारी है। इस शहर को अब एक और सड़क की सुविधा मिलने जा रही है। इस सड़क के बन जाने के बाद गाजियाबाद से देहरादून जाना बेहद आसान हो जाएगा। यह सड़क नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) को देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी। इस नई सड़क को बनाने का प्रोजेक्ट गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने तैयार कर एनएचएआई के पास भेजा है। एनएचएआई के अधिकारी इस प्रस्ताव का अध्ययन कर बताएंगे की कि इस सड़क की लंबाई कितनी होगी और इसे बनाने की लागत कितनी आएगी। एनएचएआई से सहमति मिलने के बाद इस सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
जीडीए ने बनाया नई सड़क का प्रस्ताव
जीडीए के चीफ इंजीनियर आरके गुप्ता ने इस नई सड़क के बनने से गाजियाबाद से देहरादून की तरफ जाने वाले लोगों को एक और रास्ता मिल जाएगा। इससे समय की बचत होने के साथ पैसे की भी बचत होगी। अभी गाजियाबाद से देहरादून जाने के लिए लोगों को मेरठ रोड या दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाना पड़ता है। इन दोनों रास्तों से देहरादून पहुंचने में चार से पांच घंटे लगते हैं, नए रास्ते के बन जाने से लोग गाजियाबाद से देहरादून सिर्फ दो घंटे में ही पहुंच सकेंगे।
नई सड़क को लेकर यह है जीडीए का प्रस्ताव
जीडीए अधिकारियों के अनुसार निर्माणाधीन एनपीआर हापुड़ रोड से शुरू हो रही है और यह मेरठ रोड को क्रॉस करते हुए लोनी के भोपुरा रोड तक जाएगी। यही से नई रोड को बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। यह आगे चलकर दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस से लिंक करेगी। इस सड़क के बनने से मधुबन बापूधाम, राजनगर एक्सटेंशन जैसे शहर के कई अन्य हिस्से के लोगो भी एनपीआर की मदद से सीधे देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि लोनी में यदि एनपीआर को इस नई सड़क के साथ कनेक्ट किया जाता है तो लोगों को देहरादून, सहारनपुर जाने का एक और एक्सप्रेसवे मिल जाएगा। देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के पश्चात गाजियाबाद से देहरादून पहुंचने का समय 2 घंटे का ही रह जाएगा। इससे दिल्ली और लोनी के ट्रॉनिका सिटी के बीच कनेक्टिविटी में भी बड़ा सुधार होगा। इसके अलावा इससे मंडोला विहार क्षेत्र को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। हालांकि अब जीडीए को एनएचएआई से अप्रूवल मिलने का इंतजार है।
