हर साल एक मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (लेबर डे) के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर पूरे सम्मान और गर्व के साथ श्रमिकों को सलाम किया जाता है। लेबर डे विश्व के उन करोड़ों श्रमिकों को समर्पित है, जिनकी मेहनत, लगन और समर्पण से देश प्रगति की दिशा में आगे बढ़ते हैं। अगर बात करें भारत की तो देश में लेबर डे यानी मजदूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1923 में चेन्नई हुई थी। आज मजदूर दिवस के अवसर पर गाजियाबाद में उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व मंडल मंत्री रमणीका शर्मा और आलोक प्रकाश द्वारा किया गया।
नॉर्दन रेलवे लेबर यूनियन ने किया Labour Day कार्यक्रम का आयोजन
बताया जा रहा है कि मजदूर दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्रमिकों की समस्याओं, उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा करते हुए, एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर रेलवे के मजदूर यूनियन के महामंत्री श्री बीसी शर्मा भी शामिल हुए थे।
पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों के पीछे मजदूरों की मेहनत
उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री बीसी शर्मा ने कार्यक्रम में शामिल मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा, "रेलवे के हर पटरियों पर दौड़ती ट्रेन के पीछे मजदूर की मेहनत छुपी है। हमारी यूनियन लगातार श्रमिकों के अधिकारों, उनके वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान के लिए संघर्ष करती रही है और करती रहेगी।" उन्होंने आगे कहा कि "हम नई पेंशन योजना (UPS) का सख्त विरोध करते हैं और युवाओं को पुरानी पेंशन योजना (OPS) मिलनी चाहिए। इस दिशा में NFIR और URMU की लड़ाई लगातार जारी है और तब तक चलेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।"
पुरानी पेंशन योजना की सरकार से मांग
गाजियाबाद में उत्तर रेलवे द्वारा आयोजित कार्यक्रम में यूनियन अध्यक्ष एसएन मलिक ने कहा कि "मजदूर दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, यह संकल्प लेने का दिन है, कि हम श्रमिकों के हक के लिए हर मंच पर आवाज बुलंद करेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि "उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन UPS का कड़ा विरोध करती है और हम सरकार से मांग करते हैं कि सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिले। NFIR और URMU इस उद्देश्य के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करते रहेंगे।"
मजदूर यूनियन ने सरकार से की यह मांग
आज मजदूर दिवस के अवसर पर यूनियन द्वारा विभिन्न मंडलों में रैलियों, संगोष्ठियों और श्रमिक सम्मान समारोहों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रमों में श्रमिकों की समस्याओं को सामने लाया गया। समस्याओं को साथ उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने कार्यक्रम के दौरान सरकार के सामने मजदूरों के हक में कई मांगें रखी। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों को बेहतर कार्य स्थितियां, नियमित स्वास्थ्य जांच, आवास सुविधा और समय पर वेतन भुगतान मिलना चाहिए। मजदूर दिवस पर मजदूरों के अधिकार को उजागर करते हुए उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई है।
