Co-Working Space Ghaziabad Station: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को स्मार्ट और सुविधाजनक वर्क एनवायरमेंट देने के लिए एनसीआरटीसी ने अनोखा पहल की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन पर 'को-वर्किंग स्पेस' की सुविधा शुरू की है। इसे खासतौर पर ऑफिस जाने वाले प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसरों और स्टार्टअप्स वालों के लिए बनाया गया है। गाजियाबाद स्टेशन के अंदर बने इस वर्कस्पेस में शांत वातावरण, बैठने की अच्छी व्यवस्था और जरूरी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। यह को-वर्क स्पेस नमो भारत स्टेशन के कॉन्कोर्स लेवल पर बना है।
गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन पर को-वर्किंग स्पेस
को-वर्किंग स्पेस में क्या-क्या है?
'को-वर्किंग स्पेस' (साझा कार्य स्थल) काम करने की ऐसी जगह है, जहां विभिन्न कंपनियों, फ्रीलांसर या स्टार्टअप के लोग एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, लेकिन वे एक ही कंपनी के कर्मचारी नहीं होते। एनसीआरटीसी ने रविवार को एक बयान में कहा कि, कॉनकोर्स स्तर पर स्थित इस सुविधा में 42 खुले कार्यस्थान, 11 निजी केबिन और दो पूरी तरह सुसज्जित बैठक कक्ष हैं और इसे पेशेवरों, उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए डिजाइन किया गया है। यह को-वर्किंग स्पेस ट्रेडिशनल ऑफिसों की तुलना में किफायती और स्मार्ट ऑप्शन हैं। यहां पर हाई-स्पीड इंटरनेट और प्लग-एंड-प्ले डेस्क आदि सुविधाएं है। इस को-वर्किंग स्पेस का 24x7 एक्सेस इसे आज के मोबाइल वर्कफोर्स के लिए बहुत उपयोगी बनाता हैं। स्टार्टअप्स, फ्रीलांसरों और रिमोट प्रोफेशनल्स के लिए यह अच्छा विकल्प है।
वर्क फ्रॉम होम वाले लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन
इस 'को-वर्किंग स्पेस' से यात्रियों, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन्हें घर के नजदीक ही एक उपयोगी विकल्प मिलेगा और यात्रा का समय भी कम होगा। बयान में कहा गया है कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर एक प्रमुख जंक्शन पर स्थित और शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन से जुड़े गाजियाबाद स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं।
(इनपुट - भाषा)
