Ghaziabad News : गाजियाबाद को बसाने वाले गाजीउद्दीन की वंशज ने एक बड़ा कांड कर दिया है। दरअसल, जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी है। पूरा मामाला फ्रॉड कर सेना की जमीन को बेचने का बताया जा रहा है। इस मामले में सिहानी गेट पुलिस ने परवीन बेगम नाम की महिला को हवालात भेज दिया है। परवीन बेगम की एक पहचान और भी है। दरअसल, परवीन की बेटी बॉलीवुड की मशूहर अभिनेत्री अलीशा खान हैं, जो कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं।
ऐसे समझें पूरा केस
आरोपी परवीन बेगम। (Photo Credit : Social Media)
एसीपी के मुताबिक, विजय नगर थानाक्षेत्र के मिर्जापुर गांव में खसरा नंबर-529 नाम की एक जमीन है। इसके पास में ही सेना की जमीन खाली पड़ी है। आरोपी मजीद ने इस जमीन को 18 हजार 710 वर्ग मीटर भूमि को 10.50 करोड़ रुपए में समीर मलिक को बेच दिया था। इसके नाम पिछले साल 17 अगस्त 2022 में रजिस्ट्री दर्ज कराई गई थी। इसमें जमीन को खाली दिखाया गया था, जबकि बैनामे के समय मानचित्र में जमीन खाली नहीं दिखाई गई है। इस तरह से सेना की 23 करोड़ रुपए से ज्यादा की भूमि को बेच दिया गया। इसमें ओमपाल और नीरज गर्ग गवाह बने थे। एसीपी ने बताया है कि, परवीन बेगम ने 2016 और 2019 में जमीन अपने नाम कराने को एसडीएम के नाम प्रार्थना-पत्र दिए थे। परवीन बेगम ने फर्जीवाड़ा कर जमीन का पट्टा मजीद के नाम कर दिया था। इसी पट्टे को और प्रार्थना-पत्रों को आधार बनाकर आरोपी परवीन बेगम ने फरार अजयवीर के साथ मिलकर जमीन बेच दी।
दूसरी बड़ी गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया है कि, परवीन के खाते में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े 47 लाख रुपये आए थे। हालांकि परवीन को गिरफ्तार कर लिया गया है जो कि दूसरी गिरफ्तारी है। फर्जीवाड़े में संलिप्त रहे कई आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं। कार्यवाहक एसीपी नंदग्राम रितेश त्रिपाठी के मुताबिक 28 जून को थाना सिहानी गेट में , उप निबंधक पंचम गाजियाबाद नवीन राय ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ये रिपोर्ट मजीद उर्फ माजिद, समीर मलिक निवासी हबीब कॉलोनी जस्सीपुरा, ओमपाल निवासी प्रताप विहार व नीरज गर्ग निवासी राजनगर के खिलाफ थी। इनमें से मजीद को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। इसके बाद अब फिरदौस बिल्डिंग रमतेराम रोड निवासी परवीन बेगम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
ज्वाइंट अकाउंट से भेजी गई
पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि, खसरा नंबर-529 की जमीन बेचने पर जो रकम मिलनी थी उसके लिए मजीद और अजयवीर ने ज्वाइंट अकाउंट खोला था। बैनानमे के बाद खाते में 4.35 करोड़ रुपए की रकम भेजी गई जिसमें 47 लाख रुपए परवीन बेगम को ट्रांसफर की गई। जांच में ये बात भी पता चली कि, बैंक से लोन लेकर उसे एनपीए कराने योजना बनाई गई थी। जिसके लिए फरीदाबाद के एक बैंक से जमीन पर लोन लिया गया था और कुछ समय तक किस्तों में इसका भुगतान किया गया।
