Divya Mittal: मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने नवरात्रि के पहले दिन मां विंध्यवासिनी के दरबार से अपने राजनीतिक सफर का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आगामी राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरने की घोषणा की है। दिव्या मित्तल ने साफ किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़कर चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनके इस ऐलान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दिव्या मित्तल (फाइल फोटो)
राजनीति के जरिए अपने विजन को धरातल पर उतारना
दिव्या मित्तल ने कहा कि वह राजनीति के जरिए ही अपने विजन को धरातल पर उतार सकती हैं। उनके मुताबिक, अपने विचारों और योजनाओं को वास्तविक रूप देने के लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना जरूरी है। हालांकि, उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत किस तरह होगी और राज्यसभा चुनाव में उन्हें कितना समर्थन मिल पाएगा, इस पर अभी नजर रहेगी।
मां विंध्यवासिनी के दरबार में कलश स्थापना की
नवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्या मित्तल विंध्याचल पहुंचीं, जहां उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दरबार में कलश स्थापना की। उन्होंने नवरात्रि के सभी नौ दिन विंध्याचल में बिताने का निर्णय लिया है। धार्मिक अनुष्ठान के साथ अपने राजनीतिक सफर का ऐलान करने के कारण उनके इस कदम को खास तौर पर देखा जा रहा है।
मिर्जापुर के लहुरीयादह गांव का दौरा कर सकती हैं दिव्या
इस दौरान दिव्या मित्तल के संभावित दौरे को लेकर भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह मिर्जापुर के लहुरियादह गांव का दौरा कर सकती हैं। हालांकि, इस दौरे को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दिव्या मित्तल का निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान ऐसे समय में आया है, जब उनके अगले कदम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा को किस दिशा में आगे बढ़ाती हैं और चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के लिए किस तरह समर्थन जुटाती हैं।
