किसान के हाथों में है राजनीतिक ताकत और आर्थिक योग्यता: उपराष्ट्रपति धनखड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा की किसान दाता है और उसे किसी की मदद का मोहताज नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुछ भी हो जाए, कितनी बाधाएं आएं, कोई भी अवरोधक बने, आज के दिन विकसित भारत की महायात्रा में किसान की भूमिका को कोई कुंठित नहीं कर सकता। आज की शासन व्यवस्था किसान के प्रति नतमस्तक है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा की किसान दाता है और उसे किसी की मदद का मोहताज नहीं होना चाहिए। चित्तौरगढ़ में अखिल मेवाड़ क्षेत्र जाट महासभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ''किसान की आर्थिक व्यवस्था में जब उत्थान आता है तो देश की व्यवस्था में उद्धार आता है। बाकी किसान दाता है, किसान को किसी की ओर नहीं देखना चाहिए, किसी की मदद का मोहताज किसान नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसान के सबल हाथों में राजनीतिक ताकत है, आर्थिक योग्यता है।''

Jagdeep Dhankhar

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ''कुछ भी हो जाए, कितनी बाधाएं आएं, कोई भी अवरोधक बने, आज के दिन विकसित भारत की महायात्रा में किसान की भूमिका को कोई कुंठित नहीं कर सकता। आज की शासन व्यवस्था किसान के प्रति नतमस्तक है।''

End of Feed