Faridabad: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। इस शहर में देश का दूसरा ईएसआई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। इस अस्पताल को बनाने का प्रस्ताव ईएसआई कॉरपोरेशन मुख्यालय भेजा गया है, जहां से इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके बनने के बाद फरीदाबाद के ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को रेफर करने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगी। इस अस्पताल के बनने का फायदा फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर के अलावा पूरे उत्तर भारत को मिलेगा। हरियाणा में कुल 25 लाख कार्ड धारक हैं। एक कार्ड धारक के कार्ड पर उसके अलावा परिवार के औसतन तीन से चार लोग जुड़े होते हैं।
फरीदाबाद ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
फरीदाबाद ईएसआई मेडिकल कॉलेज के डॉ. असीम दास ने बताया कि, मौजूदा समय में किसी कार्डधारक मरीज को जब सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की जरूरत पड़ती है तो उसे ईएसआई कॉरपोरेशन के पैनल के निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। अभी देश का एकमात्र ईएसआई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हैदराबाद में स्थित है। हालांकि उसका फायदा सिर्फ दक्षिण भारत के लोगों को ही मिल पाता है। उत्तर भारत में रहने वाले ईएसआई कार्ड धारक इस सुविधा से अभी तक वंचित हैं। अब फरीदाबाद में ईएसआई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने से इसका फायदा हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्य के कार्ड धारकों को भी मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज की पांच एकड़ जमीन में होगा इसका निर्माण
ईएसआई अधिकारियों के अनुसार, फरीदाबाद के ईएसआई मेडिकल कॉलेज परिसर में ही अभी करीब पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस जगह पर ही सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल डेवलप किया जा सकता है। फरीदाबाद के ईएसआई अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी की कई सेवाएं पहले से ही कार्ड धारकों को मिल रही है। यहां पर नेफ्रोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग होने के साथ डायलिसिस की सुविधा भी पहले से है। जल्द ही यहां पर किडनी ट्रांसप्लांट, ओपन हार्ट सर्जरी और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू होने वाली है। ऐसे में इस मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने में ज्यादा बजट भी नहीं खर्च करना पड़ेगा। इस अस्पताल को जल्द ही कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए रेडियोथेरेपी मशीन भी स्थापित की जाने वाली है।
