पिछले तीन-चार दिनों से नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में सुलग रहा मजदूरों का गुस्सा आज यानी सोमवार 13 अप्रैल को किसी ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी जहां-तहां सड़कों पर उतर आए। इससे नोएडा के सेक्टर 62, फेज 2 और दिल्ली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले NH9 पर ट्रैफिक ठप हो गया। इस बीच NCR के अन्य शहरों में भी यह आग फैलने लगी है। फरीदाबाद में भी कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं।
फरीदाबाद में भी प्रदर्शन शुरू (Faridabad Protest)
फरीदाबाद के सेक्टर 37 में भी प्रदर्शनकारी कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। हालांकि, यहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। फरीदाबाद की सेक्टर 37 स्थित संवर्धन मदरसन कंपनी के हजारों कर्मचारी भी नोएडा के कर्मचारियों के साथ सुर में सुर मिलाकर सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
फरीदाबाद में सराय ख्वाजा इलाके के सेक्टर 37 में आज सुबह सैकड़ों मजदूर काम छोड़कर सड़कों पर उतर आए। मजदूरों का कहना था कि उन्हें बढ़ी हुई सैलरी नहीं मिल रही है। मजदूरों का कंपनियों पर वादाखिलाफी का आरोप है। उनका आरोप है कि न तो खाना बेहतर दिया जाता है और न ही सुविधाएं मिल रही हैं। यहां मजदूरों ने कई घंटों तक जाम लगा दिया, जिससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ। पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। अधिकारियों ने मजदूरों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को जल्द ही कंपनी प्रबंधन के सामने रखा जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद मजदूरों की मांगें पूरी होती हैं या आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज होता है।
अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी उतरे सड़कों पर
सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर आज फरीदाबाद में कामगारों ने फैक्टरी में काम नहीं किया। मदरसन के कर्मचारियों से एकता दिखाते हुए फरीदाबाद में भी कई अन्य कंपनियों के मजदूर भी काम छोड़कर कंपनी से बाहर निकल आए। कर्मचारियों में कंपनी मालिकों और श्रम विभाग को लेकर भारी रोष देखा गया।
नोएडा में हिंसक हुआ प्रदर्शन
सोमवार सुबह नोएडा के सेक्टर-62 और सेक्टर-60 में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब कर्मचारी सुबह-सुबह सड़कों पर आ गे। आक्रोशित कर्मचारियों ने डिवाइडर पर चढ़कर प्रदर्शन किया और रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे मजदूरों का यह प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया। बड़ी संख्या में मजदूर इकट्ठा होकर वाहनों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी करने लगे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। तोड़फोड़ के अलावा नोएडा में प्रदर्शन वाली जगहों से आगजनी की भी खबरें हैं। पुलिस बल को हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी इस्तेमाल करने पड़े।
भारी जाम से जूझ रहे लोग
प्रदर्शन के चलते गाजियाबाद में लालकुआं से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी और सेक्टर-62 से NH-9 की ओर जाने वाले वाहनों के पहिए जहां थे वहीं थम गए। जो लोग सुबह अपने काम पर निकले थे, वे घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या के आगे यातायात व्यवस्था को संभालना चुनौती बन गया।
नोएडा के फेज-2 स्थित मदरसन ग्रुप (Motherson Group) कंपनी के बाहर सोमवार सुबह हजारों की संख्या में कर्मचारी जमा हो गए। कुलेसरा से फेज-2 तक विरोध मार्च निकालते हुए कर्मचारियों ने खूब नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि न्यूनतम वेतन को 13 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही वे ओवरटाइम के भुगतान और छुट्टियों के लिए अलग प्रावधान की मांग कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, कमरे का किराया और महंगे गैस सिलेंडर के चलते उनका घर नहीं चल रहा है।
गाजियाबाद में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन
गाजियाबाद में मजदूरों के प्रदर्शन ने आज उग्र रूप ले लिया। वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने नोएडा से सटे बॉर्डर पर सड़क जाम कर दी, जिससे पूरे इलाके में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। गाजियाबाद की सड़कों पर जाम के कारण NCR के इस प्रमुख शहर में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई, जो कई किलोमीटर तक फैली हुई हैं। इस जाम का असर आम जनजीवन पर साफ देखने को मिल रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले लोग तक भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं, कई लोगों को पैदल ही सफर तय करना पड़ा।
पुलिस से बहस करते दिखे लोग
मौके से सामने आई तस्वीरों में आम जनता और पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक के लिए पहले से कोई ठोस डायवर्जन प्लान तैयार नहीं किया गया, जिसके कारण हालात और खराब हो गए हैं। पुलिस जाम खुलवाने की कवायद में जुटी है, लेकिन इसके स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही है। विरोध प्रदर्शन के चलते रूट डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे वैकल्पिक मार्गों और छोटी-छोटी गलियों में भी भारी दबाव देखने को मिल रहा है। स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और ट्रैफिक पुलिस के लिए हालात को संभालना चुनौती बना हुआ है। नोएडा और गाजियाबाद में कर्मचारियों के इस प्रदर्शन का असर दिल्ली में भी दिख रहा है। पूर्वी दिल्ली के अक्षरधाम से लेकर चिल्ला बॉर्डर तक भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है।
बुलंदशहर में भी कर्मचारियों की हड़ताल
नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बाद अब बुलंदशहर में सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। यहां TAG कंपनी के मजदूर जोरदार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी अपनी सैलरी बढ़ाने और PF-ESI व अन्य सुविधाओं को लेकर हंगामा कर रहे हैं। यही नहीं, कर्मचारी ठेकेदारों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। एसपी सिटी शंकर प्रसाद, एएलसी पल्लवी अग्रवाल, एडीएम व सीओ मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन के बाद श्रमिकों को शांत कर काम पर भेज दिया है। यहां के
