DUSU Election 2026: देश के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े छात्र संघों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के वर्ष 2026-27 के कार्यकाल के लिए आज 18 सितंबर को मतदान होंगे केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए कुल 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में विश्वविद्यालय के लगभग 2.75 लाख छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। डीयू के 52 कॉलेजों और फैकल्टीज में EVM के जरिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग हो रही है। वोटों की गिनती और नतीजों का ऐलान 19 सितंबर को किया जाएगा।
DUSU इलेक्शन में आज वोटिंग
कब होगी वोटिंग
छात्रों की सुविधा के लिए वोटिंग को दो पालियों में बांटा गया है। डे शिफ्ट के कॉलेज छात्रों के लिए सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और ईवनिंग शिफ्ट के छात्रों के लिए दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोटिंग होगी।
मतगणना और नतीजे 19 सितंबर 2026, शनिवार को आएंगे।
अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला: मैदान में कौन-कौन?
केंद्रीय पैनल के 4 पदों के लिए 20 उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा में हैं, जिनमें अकेले अध्यक्ष पद के लिए 7 दावेदार मैदान में उतरे हैं।
केंद्रीय पैनल की स्थिति
अध्यक्ष: 7 उम्मीदवार
उपाध्यक्ष: 5 उम्मीदवार
सचिव: 4 उम्मीदवार (3 महिला उम्मीदवार शामिल)
संयुक्त सचिव: 4 उम्मीदवार
अध्यक्ष पद के प्रमुख चेहरे
यश डबास (ABVP): कांझावला (दिल्ली) निवासी यश डबास DU के बौद्ध अध्ययन (Buddhist Studies) विभाग में मास्टर्स के छात्र हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी रह चुके हैं।
विजय शंकर मीणा (NSUI): राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले विजय शंकर मीणा भी बौद्ध अध्ययन विभाग से पढ़ाई कर रहे हैं और छात्र अधिकारों व सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मुखर रहे हैं।
अनन्या रतूड़ी (AISA-SFI गठबंधन): कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न विरोधी आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली अनन्या वामपंथी छात्र संगठनों की संयुक्त उम्मीदवार हैं।
बता दें कि सचिव पद पर AISA-SFI गठबंधन से मैदान में उतरीं स्टैंजिन डेस्क्यॉन्ग (हिंदू कॉलेज, MSc गणित) लद्दाख से आने वाली पहली ऐसी छात्रा हैं, जो DUSU के केंद्रीय पैनल में चुनाव लड़ रही हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद 'सुरक्षित आवास' बना मुख्य मुद्दा
इस बार के DUSU चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु छात्र आवास (Hostel/PG) बना हुआ है। हाल ही में सत्या निकेतन में एक इमारत गिरने की दुर्घटना में हुई मौतों के बाद कैंपस में सुरक्षित और किफायती हॉस्टल और PG की मांग तेज हो गई है।
ABVP ने हर कॉलेज में लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल, डेडिकेटेड स्टूडेंट हाउसिंग सेल व हेल्पलाइन, और पीजी/हॉस्टल में अनिवार्य फायर सेफ्टी ऑडिट की बात कही है। वहीं AISA-SFI ने कॉलेजों के 2 किमी के दायरे में रेंट कंट्रोल एक्ट लागू करना, निजी आवास के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा सब्सिडी और प्रत्येक कॉलेज में कम से कम 2 हॉस्टल का वादा किया है। साथ ही NSUI के वादों में भी पारदर्शी जांच, पर्याप्त हॉस्टल निर्माण और छात्र सुरक्षा शामिल हैं।
चुनावी हिंसा पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त
चुनाव प्रचार के दौरान नॉर्थ कैंपस में छात्रों के गुटों के बीच हुई झड़पों और गुंडागर्दी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि लोकतंत्र को अपराधियों का समाज नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने डीयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस और सरकार से रिपोर्ट मांगी है और चेतावनी दी है कि सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट न होने पर मतगणना और नतीजों पर रोक लगाई जा सकती है।
2025 का रिपोर्ट कार्ड
वर्ष 2025 के DUSU चुनाव में कुल 39.4% वोटिंग दर्ज की गई थी। उस चुनाव में ABVP ने 4 में से 3 पदों (अध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव) पर जीत हासिल की थी, जबकि NSUI के खाते में उपाध्यक्ष का पद गया था। देखना होगा कि इस बार छात्र किस संगठन पर भरोसा जताते हैं।
