दिल्ली में दुर्गा पूजा और छठ पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली सरकार ने दोनों प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कमर कस ली है। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठकों में पंडालों से लेकर घाटों तक श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
दुर्गा पूजा और छठ पर्व को लेकर तैयारियां तेज।
सरकार का फोकस इस बार सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए आयोजकों को समय पर सभी जरूरी एनओसी और अनुमतियां उपलब्ध कराने पर है। छठ पूजा के लिए 15 अक्टूबर से सिंगल क्लियरेंस विंडो की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं दुर्गा पूजा के पंडालों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी अनुमति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पंडालों में सीसीटीवी और स्कैनर, भीड़ नियंत्रण, पुलिस निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन स्थलों पर हेल्थ टीम, एंबुलेंस, पीने का पानी, मोबाइल टॉयलेट, पर्याप्त बिजली, सफाई और फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। छठ घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ निर्बाध और निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
वहीं दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर कृत्रिम या अस्थायी तालाब और टैंक तैयार किए जाएंगे। विसर्जन के बाद अवशेषों की सफाई और घाटों की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों के डीएम व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न होने दें।
इस बार दोनों पर्वों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी खास तवज्जो दी जा रही है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में इन आयोजनों को पहले से ज्यादा भव्य बनाया जाएगा। साथ ही पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वच्छता, वोकल फॉर लोकल, नशा मुक्त भारत और स्वदेशी जैसे संदेशों को भी आयोजनों से जोड़ा जाएगा।
कपिल मिश्रा का कहना है की दिल्ली में आस्था के पर्व भव्य भी होंगे और सुरक्षित भी, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ दुर्गा पूजा और छठ महापर्व मना सकें।
