Ditwah Cyclone Update: बंगाल की खाड़ी में मौसम की हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। पहले से सक्रिय चक्रवात सेन्यार के बीच अब एक और शक्तिशाली तूफान बन चुका है, जिसने दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि दितवाह (Ditwah) नाम का एक तूफान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित होकर उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में इसके इन तटीय इलाकों के बेहद करीब पहुंचने की आशंका है।
दितवाह को लेकर कई इलाकों में रेड अलर्ट (सांकेतिक तस्वीर)
श्रीलंका में तबाही के बाद भारत की ओर बढ़ा दितवाह
दितवाह चक्रवात ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है, जहां अब तक 69 लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। IMD के अनुसार, यह तूफान जाफना से लगभग 80 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है और उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में भारत की ओर बढ़ रहा है। सुबह 5:30 बजे जारी अपडेट के अनुसार, चक्रवात 9.4°N और 80.7°E के निकट केंद्रित था और धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाते हुए भारतीय तटों की ओर बढ़ रहा है।
100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अनुमान
मौसम विभाग का कहना है कि दितवाह तूफान के तट से टकराने के समय इसकी रफ्तार 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के कई तटीय इलाकों में तेज हवाएं और तेज बारिश का खतरा बढ़ गया है। तटीय क्षेत्रों के अलावा, कई आंतरिक जिलों में भी भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका है। समुद्री क्षेत्र में लहरों की ऊंचाई बढ़ गई है, जिससे समुद्री गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी
पिछले सप्ताह से तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में लगातार बारिश हो रही है। अब दितवाह के प्रभाव से अगले दो दिनों में कई जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। रामनाथपुरम, डेल्टा जिले, नागपट्टिनम, चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और रानीपेट जैसे जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन इलाकों में अगले 48 घंटों तक मौसम बेहद खराब रह सकता है और जलभराव तथा बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न होने की आशंका है।
फिशरमैन अलर्ट और समुद्री गतिविधियों पर रोक
दितवाह के कारण समुद्र में तेज हवाओं और उथल-पुथल की स्थिति बन गई है। पंबन, तूतीकोरिन, नागपट्टिनम और कराईकल बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या 4 लगाया गया है। IMD ने मछुआरों को अगले कई दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। मौसम बिगड़ने की वजह से पंबन ब्रिज के पास चलने वाली ट्रेनों की गति भी कम कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। डेल्टा और उत्तरी जिलों के सार्वजनिक जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को सभी सिंचाई नहरों आदि के जलस्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई नहरों में अतिरिक्त पानी पहले ही छोड़ दिया गया है ताकि भारी बारिश के दौरान अचानक आई बाढ़ से बचाव किया जा सके। जिला अधिकारियों को भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कल तटों के पास पहुंचेगा तूफान
IMD के डायरेक्टर जनरल डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि दितवाह चक्रवात चेन्नई से लगभग 480 किलोमीटर दक्षिण में सक्रिय है और धीरे-धीरे तेजी पकड़ रहा है। उनका कहना है कि यह तूफान 29 नवंबर की सुबह तक श्रीलंका को पार कर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद इसकी गति बढ़ने की संभावना है और 30 नवंबर की सुबह तक यह उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों के बेहद नजदीक पहुंच जाएगा। दितवाह चक्रवात के प्रभाव से कई तटीय और पहाड़ी इलाकों में स्थानीय स्तर पर बाढ़ के हालात बन सकते हैं। तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ गया है। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात दोनों प्रभावित होंगे।
