GST Fraud Arrest: गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की भुवनेश्वर जोनल यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। बुधवार को मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मुंबई के निवासी निलेश योगेश जगीवाला को गिरफ्तार किया। आरोप है कि जगीवाला 325 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने 105 से ज्यादा फर्जी कंपनियां बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का धोखाधड़ी से लाभ उठाया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस नेटवर्क ने जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्मों का पंजीकरण कराया और नकली निदेशकों की नियुक्ति कर पूरे घोटाले को अंजाम दिया।
DGGI भुवनेश्वर ने ₹325 करोड़ का GST घोटाला उजागर किया (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
ऐसे दिया घोटाले को अंजाम
यह पूरा नेटवर्क वर्चुअल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि निलेश जगीवाला और उसकी टीम ने कई निष्क्रिय कंपनियों को खरीदा और उनमें सक्रिय GSTIN का उपयोग करके घोटाले को अंजाम दिया। इसके बाद वे DIR-12 फाइलिंग के माध्यम से मूल निदेशकों को हटाकर फर्जी निदेशकों की नियुक्ति कर देते थे। नेटवर्क से जुड़े ऑपरेटरों के पास सिम कार्ड्स का नियंत्रण था, जिनके माध्यम से GST पोर्टल का संचालन किया जाता था। इन सिम कार्ड्स का उपयोग फर्जी चालान जारी करने, दिखावटी बैंकिंग लेनदेन करने, और बाद में नकद निकासी तथा कमीशन भुगतान के जरिये वास्तविक लाभार्थियों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।
पुणे से एक महिला गिरफ्तार
मुंबई और पुणे में हुई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। जब्त सामान में कई कंपनियों की नकली मुहरें, मोबाइल फोन, जीएसटी पंजीकरण से जुड़े सिम कार्ड, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों के दस्तावेज, लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड, और डिजिटल संचार से जुड़ी फाइलें शामिल हैं। इससे पहले, 17 अक्टूबर को पुणे से एक महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो प्रारंभिक जांच में निलेश योगेश जगीवाला की नजदीकी सहयोगी और नेटवर्क संचालन की समन्वयक के रूप में सामने आई थी। वर्तमान में, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
(इनपुट - आईएएनएस)
