इंजीनियर युवराज मेहता मामले में हीरो बना डिलीवरी एजेंट निकला वसूली गैंग का मास्टरमाइंड; भाई संग हुआ गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में एक डिलीवरी एजेंट मोनिंद्र और उसके भाई नरेंद्र को कथित वसूली गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर रेस्टोरेंट मालिकों और छोटे व्यापारियों से प्रोटेक्शन मनी मांगने और धमकी देने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि मोनिंद्र पहले एक हादसे के दौरान बचाव प्रयासों को लेकर भी सुर्खियों में रह चुका है।

Greater Noida News: एक डिलीवरी एजेंट, जिसने जनवरी में उस समय सुर्खियां बटोरी थीं जब उसने इंजीनियर युवराज मेहता को पानी से भरे निर्माण गड्ढे में गिरने के बाद बचाने की कोशिश की थी, उसे गुरुवार को एक कथित वसूली गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी मोनिंद्र और उसका भाई नरेंद्र ग्रेटर नोएडा में रेस्टोरेंट मालिकों और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाते थे। दोनों उनसे "प्रोटेक्शन मनी" के नाम पर 20,000 से 25,000 रुपये तक की मांग करते थे और भुगतान न करने पर धमकी देते थे। नॉलेज पार्क थाना की पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को सेक्टर 150 से गिरफ्तार किया।

Delivery Agent Monindra and Brother Narendra Arrested

ग्रेटर नोएडा में वसूली रैकेट का भंडाफोड़ (प्रतीकात्मक फोटो)

छोटे व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच डर का माहौल

पुलिस ने बताया कि दोनों भाइयों ने इलाके के छोटे व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच डर का माहौल बना दिया था। जो व्यापारी उनकी मांग पूरी नहीं करते थे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। स्थानीय लोगों से कई शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रिकॉर्ड के अनुसार मोनिंद्र और नरेंद्र का नाम पहले भी आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। साल 2024 में नॉलेज पार्क थाने में उनके खिलाफ मारपीट, आपराधिक धमकी और अन्य धाराओं में एक मामला दर्ज किया गया था। इसके अगले साल दोनों भाइयों पर दो और अलग-अलग आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

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