यमुना में बढ़ा जहर! दिल्ली में मलजनित बैक्टीरिया का खतरनाक स्तर, DPCC रिपोर्ट से खुलासा

दिल्ली में यमुना नदी का जल अब भी गंभीर रूप से प्रदूषित बना हुआ है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार नदी में फीकल कोलीफॉर्म और बीओडी का स्तर तय सीमा से काफी अधिक पाया गया। कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी मानकों पर खरे नहीं उतरे है।

Delhi Yamuna Pollution: दिल्ली में यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नदी के पानी में फीकल कोलीफॉर्म (मलजनित बैक्टीरिया) का लेवल बेहद अधिक है। रिपोर्ट में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड का लेवल भी ज्यादा पाया गया है, यह रिपोर्ट इस बात का संकेत करती है कि नदी में बड़ी मात्रा में बिना उपचारित सीवेज सीधे पहुंच रहा है।

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दिल्ली में यमुना नदी (फाइल फोटो)

DPCC की जनवरी, फरवरी की रिपोर्ट जारी

डीपीसीसी की ओर से जनवरी और फरवरी माह की जल गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्ट जारी की गई है। जिसके मुताबिक नदी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर कई स्थानों पर तय मानकों से काफी अधिक पाया गया है। बीओडी के अधिक स्तर का मतलब होता है कि पानी में प्रदूषण ज्यादा है। डीपीसीसी द्वारा दिल्ली में यमुना नदी के पानी की जांच आठ प्रमुख स्थानों से सैंपल लेकर की जाती है। जिनमें पल्ला, वजीराबाद, ISBT ब्रिज , ITO ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, हिंडन कट, ओखला बैराज और असगरपुर जैसी जगहें शामिल हैं।

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