Delhi News: दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण (Air Pollution) से निपटने के लिए सरकार ने इस बार कई स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुई बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण से लेकर सड़क की धूल, कूड़ा जलाने, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक उत्सर्जन तक पर चर्चा हुई। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। केंद्र और दिल्ली सरकार पहले भी सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा कर चुकी हैं।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय
500 पेट्रोल पंप पर ‘No PUC, No Fuel’
इस साल दिल्ली में ‘No PUC, No Fuel’ अभियान को मिशन मोड में लागू करने की तैयारी है। सिरसा के मुताबिक दिल्ली के सभी 500 ऐसे पेट्रोल पंप, जहां ANPR सिस्टम लगा है, वहां नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही End-of-Life Vehicles यानी निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार का विंटर पॉल्यूशन फ्रेमवर्क 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाली कई पाबंदियों का प्रावधान करता है। इनमें वैध PUC के बिना ईंधन नहीं मिलने और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर रोक जैसे उपाय शामिल हैं।
1 नवंबर से पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को हतोत्साहित यानी डिस्करेज करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग चार्ज दोगुना किया जाएगा। इसके साथ ही फेज वाइज ऑफिस टाइम और 50 फीसद वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी लागू करने की योजना है। दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड और BS-VI मानकों से नीचे के वाहनों की एंट्री पर भी सर्दियों के दौरान प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को अतिरिक्त पार्किंग शुल्क से राहत दी जाएगी।
3065 किमी सड़क का लक्ष्य, 1193 किमी काम पूरा
सड़क की धूल को प्रदूषण का अहम स्रोत मानते हुए सरकार सड़क पुनर्निर्माण और ग्रीन पैच पर जोर दे रही है। 2026 में 3065 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। 20 सितंबर तक 1193 किलोमीटर का काम पूरा होने का दावा किया गया है, जबकि बाकि 1872 किलोमीटर पर काम किया जाना है।
यही नहीं, सड़कों की हर 15 दिन में डीप क्लीनिंग करने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। सड़क किनारे खाली और मिट्टी वाले हिस्सों को ग्रीन पैच में बदलने के लिए ‘भागीदारी’ अभियान के तहत काम किया जाएगा। केंद्र ने भी दिल्ली में रोड डस्ट, ग्रीनिंग और डीप क्लीनिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
62 प्रदूषण हॉटस्पॉट में 42 पर नियंत्रण का दावा
दिल्ली में चिन्हित 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट में से 42 पर नियंत्रण किए जाने की जानकारी दी गई है। बाकी हॉटस्पॉट के लिए भी स्थानीय स्तर पर कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक अलग-अलग इलाकों का दौरा करेंगे। भूपेंद्र यादव भी कुछ हॉटस्पॉट का निरीक्षण करेंगे।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर जोर
इस साल सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए मेट्रो की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर दिया गया है। सरकार के मुताबिक दिल्ली में फिलहाल 5088 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और 150 नई बसें हाल में आई हैं। सरकार का कहना है कि बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी से निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
कूड़ा जलाने और निर्माण पर होगी सख्ती
खुले में कूड़ा जलाने से रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। हर वाहन में DPCC और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों सहित चार लोग होंगे। वहीं 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाले आउटडोर डिमोलिशन और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। इन गतिविधियों को संभव होने पर इनडोर करने की अनुमति होगी।
औद्योगिक प्रदूषण के मोर्चे पर सरकार के मुताबिक जरूरी OCEMS और APCD उपकरण लगाए जा चुके हैं। इनके संचालन और उत्सर्जन की निगरानी भी प्रदूषण नियंत्रण रणनीति का हिस्सा है।
