दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद करीब 27 घंटे चला राहत और बचाव अभियान पूरा हो गया है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि पांच घायल अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भवन मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सत्य निकेतन में बीते दिन रविवार को बिल्डिंग के गिरने के बाद कई लोगों की अब तक जान जा चुकी है। इस बीच पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल को पकड़ लिया वह फरार चल रहे थे। इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया गया।
बेटे महेश और हरिराम की पत्नी उर्मिला, सभी को गिरफ्तार कर लिया गया
वहीं इस मामले में अपडेट यह है कि भवन मालिक हरिराम गुप्ता के अलावा उनके बेटे महेश और हरिराम की पत्नी उर्मिला, सभी को गिरफ्तारर कर लिया गया है।
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कागजों पर प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम पर रजिस्टर थी
बताते हैं कि सत्य निकेतन में जो इमारत गिरी है उसका बिजली का कनेक्शन हरिराम और उनके बेटे महेश के नाम पर रजिस्टर था। वहीं
कागजों पर प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम पर रजिस्टर थी।
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सत्य निकेतन हादसे में एक के बाद एक 5 अधिकारी सस्पेंड
इससे पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सोमवार को साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में लड़कों के PG वाले एक बिल्डिंग के गिरने के बाद की गई, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। PTI को मिले आदेश की कॉपी के अनुसार, सस्पेंड किए गए अधिकारियों में साउथ जोन के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार शामिल हैं।
