व्हाट्सएप ऑडियो संदेशों ने फैलाई अफवाह जिससे हिंसा भड़की, तुर्कमान गेट हिंसा पर बोली दिल्ली पुलिस

पुलिस ने कहा कि लगभग चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप, जिन्होंने आक्रामक या उत्तेजक लहजा दिखाया, उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि घटना से ठीक पहले कोई नया ग्रुप नहीं बनाया गया था। अब जांच की जा रही है कि अफवाहें पूर्व नियोजित थीं या नहीं।

एक अधिकारी ने को बताया कि तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद को कथित तौर पर गिराए जाने की अफवाहों को भड़काने में कई व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित भ्रामक ऑडियो संदेशों की अहम भूमिका थी, जबकि अधिकारियों ने इस नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए तेजी से कदम उठाए। दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में मस्जिद के पास मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी और हिंसक भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया, जिससे इलाके के स्टेशन हाउस ऑफिसर सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

Turkman gate violence

दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा

10 लोगों को गिरफ्तार किया गया

इस मामले में कुल मिलाकर, 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक किशोर को पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा मस्जिद को गिराए जाने का दावा करने वाली अफवाहें मुख्य रूप से अदालत के आदेश पर अतिक्रमण विरोधी अभियान से पहले समुदाय, धार्मिक और पड़ोस के व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा किए गए वॉयस नोट के माध्यम से फैलीं।

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